छात्रवृत्ति घोटाला: सहारनपुर-हरियाणा के प्राइवेट कॉलेजों में धांधली का खुलासा, तीन पर मुकदमा दर्ज
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उत्तराखंड के 11 जिलों में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने शुक्रवार को तीन और शिक्षण संस्थानों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजाें से सरकारी धन हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी शिक्षण संस्थान सहारनपुर और हरियाणा के रेवाडी जिले के हैं। एसआईटी ने बृहस्पतिवार को चार मुकदमे दर्ज कराकर इस खेल का पर्दाफाश किया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल की अगुवाई में गठित एसआईटी की कार्रवाई शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। आईजी गुंज्याल के मुताबिक नैनीताल के जिला समाज कल्याण अधिकारी की तरफ से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 19 छात्रों के नाम पर सात लाख 84,700 रुपये के चेक पंजाब नेशनल बैंक की छुटमलपुर (सहारनपुर) के प्रबंधक को जारी किए थे।
इसमें ओम संतोष प्राईवेट आईटीआई में एडमिशन दिखाने के साथ बाकायदा बैंक में खाते खोले गए। भौतिक सत्यापन में पाया गया कि न तो इन छात्रों ने आईटीआई में एडमिशन लिया और न ही उन्हें छात्रवृत्ति के नाम पर फूटी कौड़ी मिली।
बाद में यह रकम आईटीआई संचालक के खाते में स्थानांतरित हुई। कूटरचित दस्तावेज से सरकारी धन अवैध रूप से प्राप्त करने के आरोप में संतोष प्राईवेट आईटीआई छुटमलपुर और पंजाब नेशनल बैंक आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
संगीन धाराओं में जसपुर थाने में मुकदमा दर्ज
एसआईटी प्रभारी ने बताया कि बाजपुर क्षेत्र के छात्रों के एमडी कॉलेज ऑफ एजूकेशन झज्जर रोड महेंद्रगढ़ (हरियाणा) में दाखिला दर्शाकर लाखों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का मामला उजागर हुआ है।
यहां भी शिक्षण संस्थान, बैंक प्रबंधन और दलालों के खिलाफ बाजपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जसपुर में संदेश कॉलेज ऑफ एजुकेशन कनेना कोसली रोड जिला रेवाडी में फर्जी एडमिशन दर्शाकर छात्रवृत्ति की रकम हड़पी गई। इनके खिलाफ भी संगीन धाराओं में जसपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
ऐसे हुआ घोटाला
आईजी संजय गुंज्याल ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया है कि दूसरी योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर छात्रों से दस्तावेज प्राप्त किए गए, जिसके आधार पर एडमीशन दर्शाया गया। सामान्य वर्ग के छात्रों को फर्जी तरीके से एसएसएसटी और ओबीएस वर्ग में शामिल दर्शाया गया है। कॉलेज संचालकों और बैंकाें से सांठगांठ कर कुछ लोगाें ने सरकार को चूना लगाया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
रड़ार पर करीब 50 प्राइवेट कॉलेज
एसआईटी के रडार पर करीब 50 प्राइवेट कॉलेज हैं। एसआईटी ने 11 जिलों के कई सौ कॉलेजों की पत्रावलियों को परखा है। इनमें से अभी तक 50 प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता की बात सामने आ रही है। अधिकांश कॉलेजों के खिलाफ साक्ष्य संकलन का कार्य चल रहा है। साक्ष्यों के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।