बस हादसाः घायलों की चीख से कांपा अस्पताल
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नैनीताल के कालाढूंगी में बस हादसे के बाद हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल का पूरा परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा। घायलों के साथ परिजन भी आंसू बहा रहे थे। इमरजेंसी से लेकर आपरेशन थियेटर तक भीड़ के चलते पैर रखने की जगह नहीं थी। दुर्घटना में किसी के कान फटे थे तो किसी का चेहरा बदरंग हो गया था।
वर्दीधारी भी परिजनों को ढांढस बंधा रहे थे। आश्वासन दे रहे थे कि सब्र कीजिए सब कुछ ठीक हो जाएगा। इधर प्राइवेट अस्पतालों के कुछ एजेंट मरीजों को शिफ्ट कराने का जुगाड़ लगा रहे थे।
अस्पताल के सामने सोमवार की शाम घायलों को लेकर एंबुलेंस के पहुंचते ही अस्पताल के कर्मचारियों से स्ट्रेचर लेकर पुलिसकर्मी घायलों को इमरजेंसी तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। घायलों और मृतकों के साथ उनके परिजन भी काफी संख्या में थे।
मंजर देख सबकी आंखें हुई नम
पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन (डी ब्लॉक) के रहने वाले घायल आकाश, सौरभ, दिव्या अस्पताल में चोटों के चलते काफी चीख रहे थे। ऊपर से परिजन अपने बच्चों को चुप कराने में लगे थे। अस्पताल के कर्मचारियों को भीड़ बढ़ने के कारण इलाज करने में काफी दिक्कत आ रही थी।
सुरक्षाकर्मी भीड़ को हटाने के लिए सीटी बजा रहे थे, लेकिन अपनों के दर्द के आगे सीटी की आवाज उन्हें सुनाई नहीं दे रही थी। एक तरफ इलाज चल रहा था तो वहीं कुछ लोग लिपट कर रो रहे थे। दुर्घटना में मृत पूजा, सलोनी माथुर के परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। घावों को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
अस्पताल के हालात देखकर पराए लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अस्पताल में आए अन्य तीमारदार भी घायलों की मदद करने के लिए हाथ बंटा रहे थे क्योंकि उनको अस्पताल के दर्द का पहले से आभास था। इधर मृत ड्राइवर का शव ऑपरेशन थियेटर में स्ट्रेचर पर रखा था।