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सफाईकर्मियों ने ठेका प्रथा समाप्त करने की उठाई मांग
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सफाई कार्य से ठेका प्रथा को समाप्त करने, सफाई कर्मचारियों के स्थाई पदों पर भर्ती शुरू करने समेत 13 सूत्री मांगों के समर्थन में देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने मांगें नहीं माने जाने पर अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार की चेतावनी दी।
ज्ञापन में अध्यक्ष कृष्णा गोदियाल ने कहा कि कोरोना काल में सफाई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण और बिना बीमा पॉलिसी के अपने जीवन को दांव पर लगाकर अपने काम में जुटे रहे, लेकिन सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की बजाय ठेका प्रथा जैसा काला कानून मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। ज्ञापन में सफाईकर्मियों ने जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा कराने, राज्य कर्मियों की भांति भत्ता देने, निकायों के आवासों पर मालिकाना हक देने की भी मांग की। कहा कि मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो सफाईकर्मी पांच से आठ अप्रैल तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
कहा कि 10 से 25 अप्रैल तक सफाई कर्मचारी अधिकार यात्रा के माध्यम से राज्य में जागरूकता अभियान चलाएंगे और एक मई को प्रदेश के सभी सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इसके बाद भी मांगे नहीं मानी गईं तो दो मई से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार की घोषणा की जाएगी। इस दौरान रविन्द्र चैनालिया, सचिन गुहेर, गुलशन घाघट, काजल, अरविंद सोनकर, शुभम, संजना विलास, सागर, किरन, काजल, अजीत आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में अध्यक्ष कृष्णा गोदियाल ने कहा कि कोरोना काल में सफाई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण और बिना बीमा पॉलिसी के अपने जीवन को दांव पर लगाकर अपने काम में जुटे रहे, लेकिन सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने की बजाय ठेका प्रथा जैसा काला कानून मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। ज्ञापन में सफाईकर्मियों ने जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा कराने, राज्य कर्मियों की भांति भत्ता देने, निकायों के आवासों पर मालिकाना हक देने की भी मांग की। कहा कि मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो सफाईकर्मी पांच से आठ अप्रैल तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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कहा कि 10 से 25 अप्रैल तक सफाई कर्मचारी अधिकार यात्रा के माध्यम से राज्य में जागरूकता अभियान चलाएंगे और एक मई को प्रदेश के सभी सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इसके बाद भी मांगे नहीं मानी गईं तो दो मई से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार की घोषणा की जाएगी। इस दौरान रविन्द्र चैनालिया, सचिन गुहेर, गुलशन घाघट, काजल, अरविंद सोनकर, शुभम, संजना विलास, सागर, किरन, काजल, अजीत आदि मौजूद रहे।
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