{"_id":"58d21f7d4f1c1b996e1a16f6","slug":"scam-in-sugar-distribution","type":"story","status":"publish","title_hn":"गरीबों की नहीं, किसी और की रसोई में जा रही चीनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गरीबों की नहीं, किसी और की रसोई में जा रही चीनी
महेश्वर प्रसाद सिंह / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 22 Mar 2017 12:28 PM IST
विज्ञापन
चीनी की बढ़ी कीमतें
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी राशन गोदाम से डीलरों को सप्लाई होने वाले चीनी कोटे पर अधिकारियों ने बिना किसी आदेश के कैंची चला दी। इस माह ज्यादातर राशन डीलरों को निर्धारित कोटे से 50-50 किलो कम चीनी आवंटित की गई है। ऐसे में डीलरों को उपभोक्ताओं के कोटे से कट लगाना पड़ रहा है। खाद्य आपूर्ति विभाग के कई अधिकारियों से कोटे में कट को लेकर पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने अगले माह से राज्य खाद्य योजना के तहत आवंटन हो रहे चीनी पर सब्सिडी नहीं देना का फैसला लिया है, जिससे एपीएल कार्ड धारकों को अगले माह से चीनी का आवंटन नहीं होगा। अभी फैसला अमल में नहीं आया, लेकिन बिना निर्देश या आदेश के ही इसी माह से ज्यादातर राशन डीलरों के कोटे से 50 - 50 किलो चीनी की कटौती कर दी गई है। कटौती के खिलाफ राशन डीलर नाराज हैं, लेकिन लाइसेंस निरस्त होने के डर से कोई खुलकर नहीं बोल रहा है।
विज्ञापन
ऊपर से ही चीनी कम आई है। राशन डीलर जब ज्यादा चीनी उठाते हैं तो किसी से कहते नहीं है। इस बार चीनी कम आई तो शिकायत करनी शुरू कर दी। जिसका चीनी का कोटा दस कुंतल से ज्यादा है, उससे 50-50 किलो चीनी की कटौती की जा रही है। हालांकि चीनी कटौती का हमारे पास कोई आदेश नहीं है, लेकिन हम अपने स्तर पर व्यवस्था बनाने के लिए ऐसा कर सकते हैं, इसका अधिकार है।
विज्ञापन
- कैलाश चंद्र पांडेय, वरिष्ठ विपणन अधिकारी
चीनी कटौती को लेकर हमारे पास कोई आदेश निर्देश नहीं आए हैं। मेरे संज्ञान में भी नहीं है कि इस बार चीनी पर कटौती हुई है।
- पीएस पांगती, जिलापूर्ति अधिकारी
जिले में चीनी का जो निर्धारित कोटा है वह गोदाम में आ गया है। थोड़ा बहुत कम हो सकता है वह भी बहुत जल्द आ जाएगा। राशन डीलरों की चीनी में कटौती नहीं की जा रही है और न ही मेरे संज्ञान में है।
- चंद्र सिंह धर्मसत्तू, आरएफसी गढ़वाल