सब्सिडी योजना में अफसरों ने किया बड़ा घोटाला
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पॉलीहाउस के लिए सब्सिडी योजना में एक और घपला सामने आया है। अधिकारियों की मिलीभगत से एक ही पॉलीहाउस पर दो बार लाखों रुपए की सब्सिडी ले ली गई।
इस मामले में दून के जिला उद्यान अधिकारी सहित उद्यान विभाग के सात कर्मचारियों, अधिकारियों पर निलंबन की तलवार लटक रही है।
मामले की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। जांच में दोषी पाए गया एक अधिकारी इन दिनों रानीखेत में तैनात है।
20 लाख रुपए के गबन का मामला
दून के सहसपुर ब्लॉक में पॉलीहाउस के निर्माण के लिए पहले नेशनल हॉल्ट्रीकल्चर बोर्ड से सब्सिडी ली गई।
इसके बाद इसी पॉलीहाउस पर नेशनल हॉल्ट्रीकल्चर मिशन से भी सब्सिडी का लाभ लिया गया। इस मामले में अफसरों की मिलीभगत से 20 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है।
नेशनल हॉल्टीकल्चर मिशन चार हजार वर्ग मीटर तक के पालीहाउस पर सब्सिडी दे सकता है, लेकिन इस मामले में लिमिट से अधिक सब्सिडी दी गई।
दोषियों के खिलाफ निदेशालय स्तर से होगी कार्रवाई
इस मामले में एक ही पॉलीहाउस के लिए पति और पत्नी के नाम से अलग-अलग सब्सिडी का लाभ लिया गया है।
सूत्रों की मानें तो दून के डीएचओ और कुमाऊं मंडल में तैनात इसी स्तर के एक अन्य अधिकारी सहित कुल सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार हो चुकी है।
डीएचओ स्तर के अधिकारियों के खिलाफ शासन से और उद्यान निरीक्षकों के खिलाफ निदेशालय स्तर से कार्रवाई होनी है।
इनका क्या कहना है...
मैं अभी इस विभाग को ठीक से देख नहीं पाया हूं, पहले लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई थी, अब पंचायत चुनाव के लिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बार विभाग की बैठक हुई थी। मुझे किसी ने बताया था कि पॉलीहाउस सब्सिडी मामले की जांच हुई है। देखता हूं की मामला किस स्तर पर है। जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- हरक सिंह रावत, कृषि एवं उद्यान मंत्री
मामले में प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों को चार्जशीट दे दी गई है। जांच में पाया गया है कि एक ही पालीहाउस के लिए दो बार सब्सिडी ली गई है। इसके अलावा कुछ अन्य गड़बड़ियां भी सामने आई हैं।
- रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव, उद्यान विभाग