फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Scam in electricity meter reading Readers uploading pictures of trees pillars walls not meters Uttarakhand

Dehradun: मीटर नहीं... पेड़, खंभे, दीवारों की तस्वीरें अपलोड कर रहे रीडर, बड़े पैमाने पर मिली गड़बड़ी

Sat, 03 Jun 2023 01:29 PM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 03 Jun 2023 01:29 PM IST
सार

यूपीसीएल लगातार मीटर रीडिंग के लिए आ रहे डाटा का वेरिफिकेशन और जांच करता है। अप्रैल और मई में पांच डिवीजन नैनीताल, विकासनगर, बाजपुर, रामनगर रुड़की और देहरादून साउथ की मीटर रीडिंग की जांच की गई तो डाटा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

विज्ञापन
Scam in electricity meter reading Readers uploading pictures of trees pillars walls not meters Uttarakhand
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिजली के मीटरों की रीडिंग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। जिस मीटर की तस्वीर पर सॉफ्टवेयर से बिल तैयार होता है, उनकी जगह मीटर रीडरों ने पेड़, खंभे और दीवारों की तस्वीरें सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दी। अभी यूपीसीएल देख रहा कि इस गड़बड़ी की वजह से उपभोक्ता या यूपीसीएल का कितना नुकसान हुआ है।

विज्ञापन


दरअसल, यूपीसीएल में मीटर रीडिंग का काम पहले आउटसोर्सिंग एजेंसी उपनल कर्मियों के माध्यम से होता था। बाद में यूपीसीएल प्रबंधन ने इसका ठेका टीडीएस मैनेजमेंट कंसलटेंट को दे दिया। यूपीसीएल लगातार मीटर रीडिंग के लिए आ रहे डाटा का वेरिफिकेशन और जांच करता है।
विज्ञापन


अप्रैल और मई में पांच डिवीजन नैनीताल, विकासनगर, बाजपुर, रामनगर रुड़की और देहरादून साउथ की मीटर रीडिंग की जांच की गई तो डाटा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।मीटर रीडरों ने मीटर की तस्वीर के बजाए सॉफ्टवेयर में दीवार, खंभे, पेड़ों की तस्वीरें अपलोड कर दी हैं। चिंताजनक बात ये भी है कि इन तस्वीरों पर कैसे सॉफ्टवेयर से बिल जनरेट हो गए। जांच में सामने आया कि कंपनी ने पांच डिवीजन में 88 मीटर रीडर लगाए हुए हैं, जिनमें से केवल 37 का डाटा ही सही पाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

डाटा गलत फीड कर बिल जारी किए
51 ने अपना डाटा गलत फीड कर बिल जारी कर दिए हैं। यूपीसीएल के एसई अनिल धीमान की ओर से कंपनी के ऑपरेटिंग लीड रणबीर सिंह को इस बाबत नोटिस जारी किया गया है। बताया गया कि नैनीताल, विकासनगर, रामनगर, देहरादून में जो तस्वीरें एप से सॉफ्टवेयर में अपलोड की गई, वह पहचान में ही नहीं आ रही हैं।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव, गंगोलीहाट में तेंदुए की मौत, वन विभाग में हड़कंप

बाजपुर डिवीजन में पूरी रीडिंग मेल नहीं खा रही है। कंपनी को कहा गया कि तत्काल कार्रवाई करते हुए इस माह के भीतर सभी तस्वीरें दोबारा अपलोड कराएं। सवाल ये भी उठ रहे कि महज पांच डिवीजन में इतनी बड़ी संख्या में गड़बड़ी पकड़ी गई है, तो पूरे प्रदेश में किस स्तर पर ये काम हो रहा होगा।

सितंबर में लक्सर डिवीजन में आई थी जीरो रीडिंग

पिछले साल सितंबर में लक्सर डिवीजन में मीटर रीडरों की गड़बड़ी से 1800 से ज्यादा उपभोक्ताओं को शून्य रीडिंग के बिल मिल गए थे। उनसे केवल सरचार्ज ही वसूला गया था। बाद में यूपीसीएल ने जांच करा कार्रवाई की थी।

जिन्होंने मीटर रीडिंग में गड़बड़ी की है, उनके बिल जेनरेट नहीं किए जाएंगे। उन्हें नोटिस देने के साथ उन पर कार्रवाई भी करेंगे। उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि है। यूपीसीएल के राजस्व का भी नुकसान नहीं होने देंगे। - अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed