उत्तराखंड में केंद्र की योजना में बड़ा घपला, PMO ने लिया संज्ञान
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यूपीसीएल में 240 करोड़ रुपये की केंद्र पोषित योजना में कथित घोटाले पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान लिया है। पीएमओ ने उचित कार्रवाई के लिए मामला राज्य सरकार को रेफर किया है।
आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनूप नौटियाल ने पीएमओ से इसकी शिकायत की थी। नौटियाल ने पीएमओ को भेजी शिकायत में बताया कि केंद्र द्वारा रिस्टेक्ट्रेड ऐसेलीरेटेड पावर डेवलपमेंट एंड रिफार्म्स (आरएपीडीआरपी) योजना के तहत शहरी क्षेत्र में विद्युत वितरण व्यवस्था सुधारने के लिए राज्य को 240 करोड़ रुपये की सहायता की गई थी।
विद्युत वितरण व्यवस्था सुधारने का कार्य करीब दो साल पहले उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) द्वारा शुरू किया गया। आरोप है कि यूपीसीएल द्वारा टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करते हुए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। शिकायत में यूपीसीएल प्रबंधन और कुछ अधिकारियों पर मिलीभगत लगाते हुए केंद्र के पैसे को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया गया।
नौटियाल इस मामले की लिखित शिकायत पूर्व में मुख्यमंत्री हरीश रावत, विजिलेंस के डायरेक्टर अशोक कुमार और सीबीआई के डायरेक्टर से कर चुके हैं। नौटियाल ने बताया कि कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर पीएमओ से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि एक अगस्त को की गई शिकायत का पीएमओ से आठ अगस्त को जवाब मिला है। जिसमें पीएमओ की ओर से सूचित किया गया है कि मामले को जांच और उचित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को रेफर कर दिया गया है।
यूपीसीएल ने आरोपों को बताया गलत
‘आरोप निराधार हैं और प्रबंधन इस पर कई बार स्थिति स्पष्ट कर चुका है। दरअसल, निगम के ही कुछ भ्रष्ट अफसर, जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है, वे प्रबंधन के खिलाफ षडयंत्र के तहत अलग-अलग स्तरों से विभिन्न अथारिटी से शिकायत करा रहे हैं। अगर किसी को इस पर कुछ भ्रम है तो कार्य दिवस में पूर्व सूचना देकर कांवली रोड स्थित ऊर्जा भवन में डायरेक्टर (एचआर) कार्यालय में आकर संबंधित मामले से जुड़ी पत्रावलियां देख सकते हैं।’
-पीसी ध्यानी, डायरेक्टर (एचआर) एवं प्रवक्ता यूपीसीएल