उत्तराखंड: शहीद दीपक नैनवाल के घर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के वकील, 51 हजार का चैक देकर की ये अपील
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव ने शनिवार को शहीद जवान नायक दीपक नैनवाल के परिजनों को 51 हजार चेक सौंपा। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये शहीद की पत्नी के लिए अनुदान जुटाने की भी बात कही।
हर्रावाला, सिद्धपुरम स्थित शहीद के आवास पर सहयोगी चंदन सिंह के साथ पहुंचे अलख आलोक श्रीवास्तव ने शहीद की बेटी लावण्या को आर्थिक मदद का चेक सौंपा। साथ ही पेंशन और शहीदों को मिलने वाली ग्रांट में होने वाली देरी को दूर करने की सहायता देने का आश्वासन दिया।
शहीद की पत्नी ज्योति ने बताया कि मुख्यमंत्री ने नौकरी का आश्वासन दिया है। वहीं, श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया के जरिये शहीद के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता एकत्र करने की बात कही। इस दौरान शहीद के पिता चक्रधर प्रसाद, माता पार्वती, बच्चे रेयांश और लावण्या आदि मौजूद रहे।
कौन है अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव को पढ़ाई के बाद वर्ष 2014 में एक पेट्रोल कंपनी में लॉ आफिसर की नौकरी मिली, जिसे उन्होंने बाद में छोड़ दी। जनवरी में इनकी पीआईएल पर केंद्र सरकार ने 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप करने वाले को सजा-ए-मौत देने का कानून बनाया गया।
दीपक ने जनवरी में किया था दो आतंकियों का एनकाउंटर
आर्मी चीफ ने सेना मेडल के लिए भेजा था उनका नाम
शहीद जवान नायक दीपक नैनवाल बीते 10 अप्रैल को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ से पहले भी मोर्चा संभालते रहे हैं। उन्होंने इसी वर्ष जनवरी में दो आतंकियों का एनकाउंटर किया था। जिसके बाद आर्मी चीफ विपिन रावत ने उन्हें सम्मानित भी किया था। इसके साथ ही उनका नाम सेना मेडल के लिए भी भेजा गया था। हालांकि उन्हें पुरस्कार नहीं दिया गया।
शहीद के भाई प्रदीप नैनवाल के मुताबिक जब दीपक अस्पताल में भर्ती थे, तो उन्होंने सेना मेडल के बारे में बातचीत की थी। बताया कि उनका नाम सेना मेडल के लिए भेजा गया था, राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाना था। लेकिन, उन्हें सेना मेडल क्यों नहीं दिया गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
बता दें कि बीते 10 अप्रैल की रात दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों के साथ 17 घंटे चली मुठभेड़ में दून के जवान नायक दीपक नैनवाल गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इलाज के करीब 40 दिन बाद उनका बीते 20 मई रविवार को पुणे स्थित पैराप्लेजिक रिहेब सेंटर में उनका निधन हो गया था।