नोटबंदीः यहां 25 रुपये के नमक के लिए खर्च करने पड़ रहे 120
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उत्तराखंड के त्यूनी में तहसील मुख्यालय से 45 किमी दूर दुर्गम में बसे भटाड़ गांव निवासी वीरेंद्र शर्मा गांव में ही छोटी सी दुकान चलाते हैं। नोटबंदी के चलते उनके पास अब नया स्टॉक खरीदने के लिए पैसे नहीं है।
गांव में एकमात्र दुकान होने के चलते आलम यह है कि लोगों को नमक खरीदने के लिए 120 रुपये खर्च कर 45 किमी दूर त्यूनी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
बकौल वीरेंद्र जब वह सामन खरीदने के लिए बड़े व्यापारी के पास जाते हैं तो वह खुले पैसे मांगते हैं।
45 किमी दूर आने-जाने में निकल जाता है पूरा दिन
दुर्गम इलाका होने के कारण त्यूनी में ही एक मात्र बैंक है।
ऐसे में 45 किमी दूर आने जाने में ही पूरा दिन निकल जाता है। त्यूनी स्थित बैंक 80 गांव का केंद्र बिंदु है।
ऐसे में उन्हें 24 हजार रुपये निकालने के लिए तीन दिन तक त्यूनी में ही होटल में कमरा लेकर रहना पड़ता है। ऐसे में उनका कम से कम दो हजार रुपये खर्च हो जाते हैं।