उत्तराखंड: 39 फर्मों पर सेल टैक्स विभाग की रेड, 50 करोड़ से ज्यादा का टैक्स चोरी की आशंका
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राज्य कर विभाग ने ई-वे बिल से खरीद और बिक्री कर रही 39 फर्मों पर मंगलवार को छापे मारे। ये फर्में जीएसटी रिटर्न और टैक्स जमा नहीं कर रही थीं। इन फर्मों का टर्नओवर 417 करोड़ से ज्यादा है। इन्हें जीएसटी जमा करने की मोहलत दी गई है। फिर भी जीएसटी जमा नहीं करने वाली फर्मों का पंजीयन निरस्त कर आरसी काटी जाएगी। राज्य कर विभाग की कार्रवाई के बाद कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। छापामारी के बाद पांच कारोबारियों ने 2.93 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं।
जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद भी ऊधमसिंह नगर और नैनीताल की कई फर्में ऐसी थीं जो 3बी रिटर्न और टैक्स जमा नहीं कर रहीं थीं, लेकिन ई-वे बिल से खरीद और बिक्री कर रही थीं। इस पर राज्य कर विभाग ने फर्मों की ई वे बिल से खरीद और बिक्री की गोपनीय जांच कराई तो करोड़ों रुपये की खरीद-बिक्री सामने आई।
मंगलवार को अपर आयुक्त रुद्रपुर जोन अनिल सिंह और अपर आयुक्त काशीपुर जोन बीएस नगन्याल के निर्देशानुसार संयुक्त आयुक्त पीएस डुंगरियाल के नेतृत्व में 63 अफसरों की 19 टीमों ने एक साथ रुद्रपुर, किच्छा, खटीमा, सितारगंज, दिनेशपुर, जसपुर, काशीपुर, रामनगर और हल्द्वानी में 39 कारोबारियों के यहां छापेमारी की। रुद्रपुर जोन से 400 करोड़ और काशीपुर जोन से 17 करोड़ के टर्नओवर पर टैक्स जमा नहीं किया गया था। इन पर लगभग 50 करोड़ के टैक्स चोरी होने की आशंका है। हालांकि अभी टैक्स की गणना की जा रही है।
इन शहरों में हुई छापामारी
स्थान प्रतिष्ठानों की संख्या
जसपुर 7
काशीपुर 8
हल्द्वानी 3
रामनगर 2
रुद्रपुर 11
खटीमा 2
सितारगंज 2
दिनेशपुर 1
किच्छा 3
ये अफसर रहे टीम में शामिल
डिप्टी कमिश्नर अरविंद प्रताप सिंह, आरएल वर्मा, सुमन जंगपांगी, शशिकांत आर्य, एनएस वोरा, रणवीर शिवेंद्र सिंह, निशिकांत सिंह, तारकेश्वर मिश्रा, रजनीश यशवस्थी, असिस्टेंट कमिश्नर भुवन चंद्र पांडे, आशीष ठाकुर, केके पांडे, हेमलता शुक्ला, अजय बिरथर, एसएस यादव, विनय प्रकाश ओझा, डॉ. प्रियंका आर्या, शुचि तिवारी, अंजु जोशी, ज्ञान चंद्र, गौरव पंत, अनिल सिन्हा आदि शामिल थे।