राम मंदिर निर्माण को लेकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मिले संत, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
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संतों ने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के माध्यम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन भेजकर राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि संत समाज मंदिर निर्माण के लिए कमर कस चुका है।
विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले मंगलवार को बड़ी संख्या में साधु-संत राजभवन पहुंचे और राज्यपाल बेबी रानी मौर्य से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू समाज लंबे समय से राम मंदिर निर्माण के लिए संघर्ष कर रहा है।
न्यायालय भी इस मामले में अब तक कोई स्पष्ट हल नहीं निकाल पाया है। जबकि राम मंदिर हिंदुओं की आस्था और महत्व का सबसे बड़ा विषय है। लंबे समय से अनिर्णय की स्थिति के चलते समाज में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कानून बनाकर मंदिर का निर्माण किया जाना समस्या का एकमात्र समाधान है। उत्तराखंड के संत समाज के साथ ही आम लोग भी जल्द मंदिर निर्माण कार्य शुरू होते देखना चाहते हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में विहिप के प्रांतीय मंत्री प्रदीप कुमार मिश्रा, स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, स्वामी देवानंद सरस्वती, स्वामी कृष्ण वीर गिरि महाराज, स्वामी रामेश्वरदास महाराज, स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, कपिल मुनि महाराज, गंगादास महाराज, दामोदर शरण महाराज, प्रेमदास महाराज आदि शामिल रहे।
आपको बता दें कि सोमवार को बता दें कि देश के प्रख्यात संतों में शुमार भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू नहीं होने पर छह दिसंबर से हरकी पैड़ी पर अनशन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अब मंदिर के लिए निर्णायक आंदोलन किया जाएगा।
ऐसे में अगर स्वामी सानंद की तरह उनके प्राण भी चले जाएं तो कोई बात नहीं। उन्होंने सरकार और सुप्रीम कोर्ट से देश के बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर का निर्माण शुरू कराने की मांग की है।
वहीं रविवार को हरिद्वार ज्ञानकुंभ में पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी राम मंदिर को लेकर पैरवी कर चुके हैं। उन्होंने तो यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को इस बाबत कई सबूत दे चुके हैं, अब तो इसका फैसला जनता ही करेगी। बाबा रामदेव ने भी संसद के सदस्यों से अपील की है कि वे एकजुट होकर इसको लेकर आगे आएं और संसद में बिल पास करवाएं।