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Rudraprayag: केदारनाथ यात्रा से पहले कई गांवों के घोड़ा-खच्चरों में हुआ संक्रमण, पंजीकरण शिविर स्थगित

Tue, 25 Mar 2025 08:40 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 25 Mar 2025 08:40 PM IST
सार

Rudraprayag News: बसुकेदार उप तहसील के बीरों, बष्टी, जलई और मद्महेश्वर घाटी के मनसूना में घोड़ा-खच्चर हॉर्स फ्लू (इक्वाइन इन्फ्लूएंजा) से संक्रमित हो गए हैं।

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Rudraprayag: Before Kedarnath Yatra, horses and mules of many villages got infected, registration camp postpon
घोड़ा खच्चर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

रुद्रप्रयाग जिले के कई गांवों में 16 घोड़ा-खच्चर श्वसन रोग (इक्वाइन इन्फ्लूएंजा) से संक्रमित हो गए हैं जिससे केदारनाथ यात्रा के लिए लगे घोड़ा-खच्चरों के पंजीकरण शिविर अगले दस दिनों के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। साथ ही पूरे जिले में घोड़ा-खच्चरों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ग्रामीणों की सूचना पर गांव पहुंची डॉक्टरों की टीम ने घोड़ा-खच्चरों के सैंपल लेकर जांच के लिए हिसार भेज दिए हैं।

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बसुकेदार उप तहसील के बीरों, बष्टी, जलई और मद्महेश्वर घाटी के मनसूना में घोड़ा-खच्चर हॉर्स फ्लू (इक्वाइन इन्फ्लूएंजा) से संक्रमित हो गए हैं। जानवर तेज बुखार से पीड़ित हैं और उनके नाक से लगातार पानी आ रहा है। खांसी के साथ ही उनके पूरे शरीर पर जगह-जगह दाने निकल आए हैं।
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जानवर पानी भी नहीं पी पा रहे हैं। प्रारंभिक सर्वेक्षण में अभी तक इन चारों गांवों में 16 घोड़ा-खच्चर में हॉर्स फ्लू के लक्षण मिले हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पशुपालन विभाग के डॉक्टरों की टीम गांवों पहुंची और बीमार घोड़ा-खच्चर के खून के सैंपल लेकर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान हिसार-हरियाणा भेज दिए हैं। साथ ही उनका उपचार किया जा रहा है।
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Chardham Yatra: हर स्तर पर तैयारियां तेज, पांच दिन में सात लाख लोग करा चुके यात्रा के लिए पंजीकरण

इस संक्रमण के कारण केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य जांच, पंजीकरण और बीमा के लिए आयोजित शिविर अगले दस दिनों के लिए स्थगित कर दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. आशीष रावत ने बताया कि घोड़ा-खच्चरों में हॉर्स फ्लू सांस के जरिये तेजी से फैलता है।

इसलिए पूरे जिले में घोड़ा-खच्चरों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। अगर, कोई पशुपालक नियम का उल्लंघन करते पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध पशुओं में संक्रामक और संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम 2009 (एक्स-27 ऑफ 2009) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ठीक होने में लगते हैं 20 से 25 दिन
दो दिनों में यह संक्रमण के मामले सामने आए हैं। हॉर्स फ्लू से पीड़ित जानवर 20 से 25 दिन में स्वस्थ हो जाता है। मगर कई बार कई जानवरों में संक्रमण का प्रभाव लंबे समय तक रहता है।

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