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IAS एकेडमी को झुलसाएगी इन सवालों की आंच

Tue, 07 Apr 2015 11:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 07 Apr 2015 11:14 AM IST
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ruby chaudhary case, question on academy officer.

फर्जी आईएएस रूबी चौधरी को छह माह तक रखने वार्ला आईएएस अकादमी प्रबंधन अब भले पूरे मामले से पल्ला झाड़ रहा हो, लेकिन कुछ सवाल ऐसे हैं जिनकी आंच बरसों तक अकादमी को झुलसाती रहेगी।

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खास बात यह है कि ये सभी सवाल शासन स्तरीय अधिकारियों के बीच इन दिनों उठ रहे हैं। ये वही अधिकारी हैं, जिन्होंने खुद भी कभी अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया है। यही वजह है कि वे इस मामले को गंभीर मानते हैं और इसकी तह तक जाने की जरूरत भी जताते हैं।
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यह बात दीगर है कि रूबी को जेल में डालने के बाद सुस्त पड़ चुकी पुलिस या एसआईटी इन सवालों के जवाब खोजने की जहमत उठाएगी, अधिकतर अफसरों को इस पर शंका है। आखिए देखते हैं क्या हैं वो सवाल जो मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

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ये हैं पांच सुलगते सवाल

ruby chaudhary case, question on academy officer.

1- क्या केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग की ओर से जारी कोई पत्र रूबी चौधरी ने अकादमी के अधिकारियों को सौंपा था?

2- क्या अकादमी के अधिकारियों ने कभी यह पता करने की कोशिश की कि रूबी लोक सेवा आयोग से कब चुनी गई?

3- क्या कभी अकादमी के अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि रूबी चौधरी को कौन से प्रांत का कैडर मिला है?

4- रूबी चौधरी राष्ट्रपति संग तस्वीर खिंचवाने वार्ले आईएएस प्रशिक्षुओं संग खड़ी थी, क्या इसकी किसी अधिकारी से अनुमति ली गई थी?

5- रूबी सोशल साइट्स पर अपलोड तस्वीरों में अपना परिचय बतौर आईएएस देती थी, क्या अकादमी के किसी अधिकारी, प्रशिक्षु ने इसे कभी नहीं देखा?

जवाब हां या ना, सच एक ही
शासन स्तरीय अधिकारियों की मानें तो ये सभी सवाल अकादमी में प्रशिक्षण व्यवस्था से जुड़े अहम सवाल हैं। उनका कहना है कि इन सवालों के जवाब आईएएस अकादमी के अधिकारी हां में दें या ना में हर हाल में उनका झूठ पकड़ा जाना तय है।

हर सवाल पर अधिकारियों को जवाब देना होगा भारी

ruby chaudhary case, question on academy officer.

एक अधिकारी के अनुसार पहले, दूसरे और तीसरे सवाल का जवाब हां हुआ तो रूबी फर्जी नहीं हो सकती। नहीं हुआ तो रूबी छह माह तक कैसे अकादमी में टिकी रह गई, यह बड़ा सवाल उठता है। चौथे सवाल का जवाब हां हुआ तो साफ हो जाएगा कि रूबी किसी अधिकारी की शह पर ही अकादमी में थी। लेकिन नहीं हुआ तो यह अकादमी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करेगा।

पांचवें सवाल का जवाब हां हुआ तो स्पष्ट हो जाएगा कि अधिकारियों ने रूबी को कभी रोका-टोका नहीं। नहीं हुआ तो भी यह अकादमी की व्यवस्था पर सवाल खड़े करेगा। उनका कहना है कि इस तरह तो कोई भी आतंकी अकादमी में घुसकर छिपा रहेगा।

हर प्रशिक्षु की होती है एलआईयू रिपोर्ट
अधिकारी बताते हैं कि अकादमी में ऐसी चूक अतिसंवेदनशील नजरिये से देखी जानी चाहिए। उनका कहना है कि आईएएस के साक्षात्कार के दौरान बोर्ड के पास अभ्यर्थी की विस्तृत एलआईयू रिपोर्ट होती है। अभ्यर्थी के पास होने के बाद आयोग अभ्यर्थी के कैडर वाले प्रांत को पत्र भेजता है। इसी पत्र से अभ्यर्थी आईएएस अकादमी में प्रवेश पाता है।

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