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देहरादून: यूपीसीएल मुख्यालय में स्वीकृत पदों के मुकाबले अधिक इंजीनियरों की फौज, आरटीआई से हुआ खुलासा
Mon, 31 Oct 2022 12:27 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 31 Oct 2022 12:27 PM IST
सार
मुख्यालय में असिस्टेंट इंजीनियरों के 15 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां 55 एई तैनात हैं। जूनियर इंजीनियरों के स्वीकृत पदों की संख्या तो नहीं बताई है लेकिन यहां 24 जेई तैनात हैं। वहीं, एसई के 11 पदों के सापेक्ष 11 ही एसई तैनात हैं।
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मीटिंग ( प्रतीकात्मक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड पावर कारपोरेेशन लिमिटेेेड (यूपीसीएल) मुख्यालय में स्वीकृत पदों के मुकाबले कहीं अधिक इंजीनियरों की फौज जमा है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ली गई सूचना से इसका खुलासा हुआ है। मोहनपुर निवासी बीरू बिष्ट ने यूपीसीएल मुख्यालय में स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनात इंजीनियरों की जानकारी आरटीआई में मांगी थी।
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यूपीसीएल ने जो जवाब भेजा है, उसके हिसाब से स्वीकृत पदों के मुकाबले काफी अधिक संख्या में यहां इंजीनियर तैनात हैं। मुख्यालय में असिस्टेंट इंजीनियरों के 15 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां 55 एई तैनात हैं। जूनियर इंजीनियरों के स्वीकृत पदों की संख्या तो नहीं बताई है लेकिन यहां 24 जेई तैनात हैं। वहीं, एसई के 11 पदों के सापेक्ष 11 ही एसई तैनात हैं। बीरू बिष्ट ने सवाल उठाया है कि जब यूपीसीएल के प्रदेशभर के बिजली घरों में इंजीनियरों की भारी कमी है, तो इतनी बड़ी संख्या में इंजीनियर मुख्यालय में क्यों तैनात किए गए हैं।
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कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन नहीं
एक अन्य आरटीआई में मिली जानकारी के अनुसार मुख्यालय में 2003 से 2022 तक नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं किया गया है। बीरू बिष्ट ने मांग की है कि इनके प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन किया जाए।
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ऊर्जा निगम मुख्यालय में जरूरत पड़ने पर किसी भी इंजीनियर की तैनाती को बोर्ड से पास कराया जाता है। इसके अलावा यहां तमाम एई की ट्रेनिंग भी चल रही है। लिहाजा, जरूरत और प्रशिक्षण की वजह से इंजीनियरों को तैनात किया गया है। -अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल