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RTI कार्यकर्ता उत्तराखंड CM के सामने करेगा आत्मदाह, पीछे है यह वजह
ब्यूरो / अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Tue, 09 Jan 2018 03:15 PM IST
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trivendra singh rawat
- फोटो : file photo
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आरटीआई कार्यकर्ता केदार सामंत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को आत्मदाह करने की धमकी दी है।
कार्यकर्ता ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए 20 मिनट का समय मांगा है। कहा है कि 45 दिन में वार्ता तय न होने पर आत्मदाह कर लेगा। सामंत ने मुख्यमंत्री को डाक से भेजे इस चेतावनी पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
स्पीड पोस्ट से सोमवार को भेजे पत्र में आरटीआई कार्यकर्ता सामंत ने कहा है कि वह भी एक ट्रांसपोर्टर है, लेकिन उसने कमाई के लिए कभी झूठ, धोखा, असंवैधानिक तरीकों का प्रयोग नहीं किया।
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कार्यकर्ता ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए 20 मिनट का समय मांगा है। कहा है कि 45 दिन में वार्ता तय न होने पर आत्मदाह कर लेगा। सामंत ने मुख्यमंत्री को डाक से भेजे इस चेतावनी पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
स्पीड पोस्ट से सोमवार को भेजे पत्र में आरटीआई कार्यकर्ता सामंत ने कहा है कि वह भी एक ट्रांसपोर्टर है, लेकिन उसने कमाई के लिए कभी झूठ, धोखा, असंवैधानिक तरीकों का प्रयोग नहीं किया।
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अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से 20 मिनट का समय मांगा
मुख्यमंत्री से 20 मिनट का समय मांगा
इसके बावजूद उसके साथ अधिकारी, नेता, कर्मचारियों समेत कुछ कंपनियों ने भी धोखा किया है। इससे वह बुरी तरह टूट चुका है। उसने कहा है कि वह इंसाफ के लिए हर दरवाजे पर गया, गिड़गिड़ाया लेकिन किसी ने उसे इंसाफ नहीं दिलाया।
आज वह इस स्थिति में पहुंच गया है कि ट्रांसपोर्टर प्रकाश की ही तरह आत्महत्या का कदम उठाने को मजबूर हो रहा है। सामंत ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से 20 मिनट का समय मांगा है।
आगाह किया है कि 45 दिन के अंदर उसे समय नहीं दिया गया तो वह सचिवालय या भाजपा के चंपावत, टनकपुर कार्यालय में कभी भी आत्मदाह कर सकता है। आरटीआई कार्यकर्ता की इस चेतावनी के बाद पुलिस, प्रशासन सतर्क हो गया है। उससे संपर्क के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
आज वह इस स्थिति में पहुंच गया है कि ट्रांसपोर्टर प्रकाश की ही तरह आत्महत्या का कदम उठाने को मजबूर हो रहा है। सामंत ने अपनी व्यथा सुनाने के लिए मुख्यमंत्री से 20 मिनट का समय मांगा है।
आगाह किया है कि 45 दिन के अंदर उसे समय नहीं दिया गया तो वह सचिवालय या भाजपा के चंपावत, टनकपुर कार्यालय में कभी भी आत्मदाह कर सकता है। आरटीआई कार्यकर्ता की इस चेतावनी के बाद पुलिस, प्रशासन सतर्क हो गया है। उससे संपर्क के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।