उत्तराखंड में टूटे न BJP का मनोबल, संघ टटोल रहा मन
नौ बर्खास्त विधायकों के भाजपा के पाले में आने से पार्टी के भीतर पैदा हो रहे नए समीकरणों पर राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) भी सतर्क है।
बागियों को अहम जिम्मेदारी देने की संभावना पर संघ कार्यकर्ताओं के रुख को लेकर सबसे ज्यादा चिंता है। इससे उनके मनोबल पर क्या असर होगा यह जानने के लिए खासकर संघ पृष्ठभूमि और जमीनी कार्यकर्ताओं की थाह ली जा रही है।
मौजूदा वक्त में भाजपाइयों में हर कोई यह जानने को बेताब है कि आलाकमान बर्खास्त विधायकों को कितनी तवज्जो देने के मूड में है। कुछ पुराने कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जुम्मा जुम्मा ‘हाथ’ का साथ छोड़ भाजपाई हुए इन नेताओं को ज्यादा तरजीह देने से कर्मठ कार्यकर्ताओं के मनोबल पर उल्टा असर पड़ेगा। तो कुछ कह रहे हैं कि इससे पार्टी की ताकत बढ़ेगी।
संघ के स्वयंसेवकों की तरफ से आ रही फोन काल
इन सब के बीच भाजपा के लिए हमेशा मार्गदर्शक की भूमिका में रहने वाला राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी एक्टिव मोड में आने लगा है। बागियों में किसी को राज्यसभा और किसी को विधानसभा चुनाव में दावेदार बनाने की संभावनाओं पर संघ के दिग्गज भाजपा कार्यकर्ताओं की राय ले रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि संघ के स्वयंसेवकों की तरफ से फोन काल भी आ रही है। तो कुछ से व्यक्तिगत मिलकर जानकारी जुटाई जा रही है।
कार्यकर्ताओं से कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व विधायकों को अहम जिम्मा देने के संभावित नफा नुकसान पर राय पूछी जा रही है। हालांकि इस बारे में पार्टी के सूत्र सिर्फ आफ रिकार्ड ही जानकारी दे रहे हैं।