संघ बढ़ाएगा अपना दायरा, पैठ बढ़ाने को बनाई ये रणनीति
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपना दायरा और विस्तृत करने जा रहा है। संघ ने समाज के हर वर्ग में पैठ बनाने के लिए रणनीति बनाई है। इसके लिए संघ ने अपनी वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में बाकायदा प्रस्ताव भी पास कर दिया है। इसके साथ ही देश भर के प्रांत कार्यवाहों को सर संघ चालक मोहन भागवत ने देशवासियों की अपेक्षा पर खरा उतरने की नसीहत दी है।
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बीते माह हैदराबाद में हुई बैठक में सर संघ चालक भागवत ने संघ के कार्य क्षेत्र के विस्तार के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रांतीय इकाइयां इसे बतौर चुनौती स्वीकार करेंगी।
संघ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में युवा संगठन से जुड़ने लगे हैं। इससे संघ का आलाकमान काफी खुश है। दिलचस्प यह है कि संघ से जुड़ने वाले युवाओं में अधिकांश अपने पुरातन संस्कृति के संबंध में जानने की इच्छा की वजह से जुड़े हैं।
समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश
पांच सालों में संघ के समर्थकों की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हुई है। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग हैं। इससे संघ के बारे में लोगों का कथन कि आरएसएस की पकड़ शहरी क्षेत्रों में अधिक है, खंडित हो रहा है। इसी बदलाव को देखते हुए सर संघ चालक भागवत ने प्रांत कार्यवाहों और दूसरे पदाधिकारियों से हर वर्गों तक पहुंचने और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कहा है। इससे लोगों में संघ के प्रति आस्था बढ़ेगी।
संघ ने अपने खास मुद्दों में सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण की मुहिम तेज करने के लिए कहा है। सामाजिक समरसता के जरिये संघ जातिवादी कुरीतियों को दूर करने के साथ हिंदू समाज के सभी वर्गों को एकसाथ लाना चाहता है। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम संघ को सामाजिक सरोकारों के विस्तृत पटल से जोड़ रही है। उत्तराखंड प्रांत कार्यवाह लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल ने बताया कि संघ समाज के हर वर्गों तक पहुंचेगा।