{"_id":"624b45b535d59d51d50e87b3","slug":"rss-national-contemplation-meeting-today-in-haridwar-mohan-bhagwat-dattatreya-hosabale-will-be-present","type":"story","status":"publish","title_hn":"भावी एजेंडे पर चर्चा: हरिद्वार में आज से आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक, मोहन भागवत व सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले रहेंगे मौजूद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भावी एजेंडे पर चर्चा: हरिद्वार में आज से आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक, मोहन भागवत व सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले रहेंगे मौजूद
Tue, 05 Apr 2022 10:02 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 05 Apr 2022 10:02 AM IST
सार
बैठक में संघ के देशभर से प्रमुख कार्यकर्ता भाग लेंगे। 11 अप्रैल तक होने वाली बैठक में सभी सह सरकार्यवाह और संघ के शारीरिक, बौद्धिक, व्यवस्था, प्रचार, सेवा एवं संपर्क इन कार्य विभागों के प्रमुखों सहित कुल 75 कार्यकर्ता आमंत्रित किए गए हैं।
विज्ञापन
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सात दिवसीय राष्ट्रीयचिंतन बैठक मंगलवार से हरिद्वार के पास रायवाला में होगी। इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मौजूद रहेंगे। सात दिन के चिंतन में संघ अपने कामकाज की समीक्षा करने के साथ ही भावी एजेंडा तय करेगा।
विज्ञापन
बैठक में संघ के देशभर से प्रमुख कार्यकर्ता भाग लेंगे। 11 अप्रैल तक होने वाली बैठक में सभी सह सरकार्यवाह और संघ के शारीरिक, बौद्धिक, व्यवस्था, प्रचार, सेवा एवं संपर्क इन कार्य विभागों के प्रमुखों सहित कुल 75 कार्यकर्ता आमंत्रित किए गए हैं।
विज्ञापन
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के मुताबिक, इस वर्ष 105 स्थानों पर हो रहे संघ शिक्षा वर्ग सहित देश भर में अन्य प्रशिक्षण वर्ग भी आयोजित होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हर साल होने वाले इन वर्गों के पाठ्यक्रम तथा बौद्धिक व शारीरिक प्रशिक्षण की विधि पर बैठक में चर्चा होगी। संघ कार्यकर्ता निर्माण में इन वर्गों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे पाठ्यक्रम की समीक्षा तीन से पांच वर्ष के अंतराल में समय-समय पर की जाती है। इसके अलावा बैठक में पिछले वर्षों में हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की चर्चा होगी। योजनाओं एवं निर्णयों को लागू करने के लिए भी विचार-विमर्श होगा। साथ ही विभिन्न प्रांतों में चल रहे कार्यों व विशेष उपक्रमों पर भी बैठक में चर्चा होगी।
विज्ञापन