रुड़की: एसटीएफ के दरोगा और सिपाही बनकर अवैध वसूली करते तीन युवक गिरफ्तार
- कार और हजारों की नगदी भी बरामद, देहरादून निवासी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, एसएसपी ने इनाम की घोषणा
विस्तार
खुद को उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ का दरोगा और सिपाही बताकर भगवानपुर क्षेत्र में लोगों से अवैध वसूली करते तीन युवकों को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से गिरफ्तार कर लिया। देहरादून के रहने वाले तीनों आरोपियों के कब्जे से कार और 7100 रुपये की नकदी भी मिली है। भगवानपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, प्रभारी एसएसपी आयुष अग्रवाल ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
शुक्रवार को सिविल लाइंस कोतवाली में प्रेसवार्ता कर प्रभारी एसएसपी ने बताया कि बीती रात भगवानपुर क्षेत्र के सिरचंदी गांव में सरकारी अस्पताल तिराहे के पास चेकिंग कर रही पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना के आधार पर एक कार को रुकवाया। कार में तीन व्यक्ति बैठे थे। ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा युवक दरोगा की वर्दी पहने था और तीनों व्यक्ति खुद को एसटीएफ देहरादून के कर्मचारी बता रहे थे।
पूछताछ करने पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लगातार बरगलाने की कोशिश की। कभी वे अपने आप को देहरादून तो कभी हरिद्वार में तैनात बताते रहे, लेकिन पुलिस ने सवाल जवाब किए तो उनकी हकीकत सामने आ गई। एसटीएफ के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो पता चला कि इस तरह का कोई भी व्यक्ति में एसटीएफ में नहीं है।
इसके बाद पुलिस ने लितेश कुमार निवासी धर्मपुरी बस्ती क्लेमेंटटाउन देहरादून, सरवर निवासी टर्नर रोड देहरादून और रहीम अहमद निवासी वसंत विहार देहरादून को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 7100 रुपये भी पुलिस ने बरामद किए। प्रभारी एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि इनमें से सरवर खुद को दरोगा बता रहा था जबकि बाकी दोनों उसके हमराह थे।
धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
देहरादून पुलिस से संपर्क कर तीनों के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल तीनों के खिलाफ भगवानपुर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से पुलिस की वर्दी, कार और अन्य सामान बरामद हुआ है। इस दौरान एसपी देहात एसके सिंह, सीओ अभय प्रताप सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस के सवालों में फंसकर बताई सच्चाई
तीनों व्यक्ति फर्जी पुलिसकर्मी बनकर क्षेत्र में लोगों से उगाही कर रहे थे। खुद को देहरादून से जांच के लिए आना बताकर कभी वाहन चालकों से तो कभी ग्रामीणों से पूछताछ के बहाने थाने चलने का दबाव बनाकर पैसे वसूल रहे थे। गांव के लोगों को जब उनकी हरकतों पर शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस ने चेकिंग का जाल बिछाकर तीनों को पकड़ लिया, लेकिन आरोपी पुलिस के सामने भी खुद को एसटीएफ कर्मचारी बताते रहे। इसके बाद पुलिस ने सवालों के जाल में फंसाकर उनसे सच उगलवा लिया।