Roorkee: एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष पहुंचे बेलड़ा गांव, प्रकरण की सीबीसीआईडी जांच के दिए आदेश
आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बेलड़ा गांव में जो बवाल हुआ है, वह एक षड़यंत्र के तहत हुआ है। इस मामले की बारीकी से जांच हो रही है।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर बुधवार को बेलड़ा गांव पहुंचे। उन्होंने बवाल की सीबीसीआईडी जांच और पंकज की मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही सरकार को भी सौंपी जाएगी। उन्हाेंने कहा कि जो भी इस प्रकरण में दोषी होगा, उसपर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने रुड़की तहसील में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी अजय सिंह, एसपी क्राइम रेखा यादव, एसपी देहात एसके सिंह, सीओ पल्लवी त्यागी से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बेलड़ा गांव में जो बवाल हुआ है, वह एक षड़यंत्र के तहत हुआ है। इस मामले की बारीकी से जांच हो रही है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीसीआईडी जांच और मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज करने के आदेश दिए।
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साथ ही पंकज के दोनों बच्चों की पूरी शिक्षा का खर्च सरकार वहन करेगी और पत्नी को नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा पीड़ित परिवार को तीन माह तक राशन फ्री दिया जाएगा। इसके अलावा मृतक परिवार को साढ़े आठ लाख का मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की वीडियाे उनके पास आई है। उसकी बारीकी से जांच की जा रही है। जो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, आयोग उनके भी साथ है। वहीं, इससे पूर्व आयोग के उपाध्यक्ष ने बेलड़ा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके अलावा घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें इंसाफ दिलाया जाएगा।
वीसी के जरिये डीजीपी से की बात
आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने तहसील परिसर में अधिकारियों से वार्ता के दौरान बंद कमरे में डीजीपी अशोक कुमार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की। साथ ही पूरे मामले की जानकारी ली और निर्देश दिए मामले मेें जो भी दोषी पाया जाए, उसपर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों की अटकी रहीं सांसें
उन्होंने तहसील परिसर में बंद कमरे में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियाें की करीब दो घंटे तक बैठक ली। साथ ही पूरे प्रकरण पर बारीकी से जानकारी ली। बताया जा रहा है कि शुरुआती दौर में ही पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके चलते अधिकारियों की सांसें अटकी रहीं।
इंस्पेक्टर की पत्नी ने की मुलाकात
बवाल में गंभीर रूप से घायल हुए इंस्पेक्टर मनोज मैनवाल की पत्नी ने भी आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात की। साथ ही बताया कि उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की गई है। इसके चलते वह खुद से कुछ काम नहीं कर पा रहे हैं। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग उनके साथ है। जिसने भी पुलिस से मारपीट की है, उनपर भी कड़ी कार्रवाई होगी।