फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Roads in the India-China border area will be prepared for needs of the army Uttarkashi Bharatmala project

उत्तरकाशी: सेना की जरूरतों के लिए तैयार होगी भारत-चीन सीमा क्षेत्र की सड़क, बैली ब्रिज की जगह बनेंगे पक्के पुल

Mon, 26 Aug 2024 10:04 AM IST
रेनू सकलानी अजय कुमार, अमर उजाला, उत्तरकाशी
अजय कुमार, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 26 Aug 2024 10:04 AM IST
सार

भारत माला परियोजना में सड़क पुनर्वास के लिए एक हजार करोड़ की डीपीआर तैयार की गई। छह बैली ब्रिज की जगह पक्के पुल बनेंगे और पहली बार भूस्खलन जोन का भी ट्रीटमेंट होगा।

विज्ञापन
Roads in the India-China border area will be prepared for needs of the army Uttarkashi Bharatmala project
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की भैरोंघाटी से पीडीए तक की सड़क सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएगी। इसके लिए बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने भारत माला परियोजना में सीमा क्षेत्र सड़क पुनर्वास के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत की डीपीआर तैयार की है।

विज्ञापन

इसके तहत सीमा क्षेत्र के अवशेष बैली ब्रिज को पक्के डबल लेन पुलों में बदलने के साथ पहली बार लंबे समय से सक्रिय भूस्खलन जोन का भी ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य में उत्तरकाशी सहित चमोली और पिथौरागढ़ जिलों की सीमा चीन से लगती है। पिछले कुछ वर्षों से केंद्र सरकार यहां सड़क सुधार कार्यों को गति देने में लगी है।

विज्ञापन

इसी के चलते अब सीमा क्षेत्र में अग्रिम चौकियों तक भी पक्की और अच्छी सड़क बनाई जा रही है। इस क्रम में अब सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर भी सड़क सुधार की योजना है। बीआरओ ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारत माला परियोजना में इसके लिए डीपीआर (विस्तृत कार्य योजना) तैयार की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पांच भूस्खलन जोन का भी किया जाएगा ट्रीटमेंट
इस योजना के तहत भैरोंघाटी से पीडीए तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में सीमा क्षेत्र की सड़क को सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। इस क्षेत्र में सीपीडब्ल्यूडी के अधीन छह बैली ब्रिज आते हैं, जो पक्के और डबल लेन पुलों में बदले जाएंगे।

वहीं, भैरोंघाटी से करीब 10 किमी आगे हवा मोड़ नामक जगह पर सक्रिय भूस्खलन जोन समेत पांच भूस्खलन जोन का भी ट्रीटमेंट किया जाएगा। बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, उक्त योजना की डीपीआर को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद यह कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। 

सीमा क्षेत्र में सीपीडब्ल्यूडी के साथ बीआरओ सड़क सुधार के लिए काफी पहले से काम कर रहा है। भारत माला परियोजना में सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य होंगे तो यह सीमा क्षेत्र की सुरक्षा के लिए कारगर होगा। -डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, डीएम उत्तरकाशी।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: टिहरी के पिपली गांव की गौशाला में घुसा गुलदार, लोगों ने दरवाजा किया बंद, देखने को लगी भीड़

ये है भारत माला परियोजना

केंद्र सरकार के सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यह परियोजना वर्ष 2015 में शुरू की थी, जो सीमा क्षेत्र सहित तटीय और बंदरगाह कनेक्टिविटी सड़कों के विकास, राष्ट्रीय गलियारों, आर्थिक गलियारों व अन्य की दक्षता में सुधार पर केंद्रित हैं। परियोजना के पहले चरण का लक्ष्य 5.35 लाख करोड़ रुपये की लागत से 34,800 किलोमीटर राजमार्ग बनाना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed