{"_id":"3d14eba4430b2cdbaaa62a3c9b5c4b8a","slug":"road-walk-on-foot","type":"story","status":"publish","title_hn":"है तो मोटर मार्ग, लेकिन पैदल लायक भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
है तो मोटर मार्ग, लेकिन पैदल लायक भी नहीं
अमर उजाला, थराली
Updated Tue, 19 Nov 2013 07:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील का नंदकेशरी-जौला है तो मोटर मार्ग, लेकिन विभागीय लापरवाही ने इसे पैदल चलने लायक भी नहीं छोड़ा है। हालात यह है इस मार्ग से गुजरने वालों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन
15 से अधिक गांवों को जोड़ती है सड़क
उत्तराखंड के थराली में नंदकेशरी-जौला मोटर मार्ग तहसील के भुल्यूड़, काठिंग, धौड़, चिड़िंगा स्टेट, अखोड़सारी, झड़िया, चिड़िंगा तल्ला और मल्ला, सिमसारी, कल्याणी, जौला, बुड़जौला, त्रिकोट और सेरा सहित 15 से अधिक गांवों को जोड़ता है। वर्ष 2005 से पीएमजीएसवाई के अधीन इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
सड़क की हालत दयनीय
हालात यह है कि किमी एक से तीन किमी तक बड़े-बड़े गड्ढ़ों में भरा पानी और कीचड़ से लबालब सड़क जानलेवा बनी हुई है। इससे आगे भी सड़क की हालत और दयनीय है। कहीं पुश्ते गिरे हैं तो कहीं पर मलबा जमा है।
विज्ञापन
राजकीय इंटर कालेज देवाल में पढ़ने वाली सिमसारी गांव की रेखा कहती है वह स्कूल के लिए रोज 10 किमी पैदल चलती है। इस मार्ग पर बने कीचड़ और दलदल से कई बार इसमें फिसली है। वहीं इस मार्ग से रूपकुंड जा रहे बंगाली पयर्टक सोमेश बनर्जी कहते हैं ऐसे मोटर मार्ग से तो कच्चे रस्ते ठीक होते हैं।
पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता बीएस रावत कहते हैं कि किमी 1 से 3 तक का क्षेत्र पानी बाहुल्य है। यहां पर पत्थर बिछाकर नालियों का निर्माण किया जाएगा। आगे मार्ग का सुधारीकरण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।