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मजबूत होगा उत्तराखंड में सड़कों का नेटवर्क
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 10 Sep 2014 11:54 AM IST
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मुख्यमंत्री हरीश रावत केंद्र सरकार से उत्तराखंड की कई योजनाओं पर सहमति और हामी भराकर मंगलवार शाम देहरादून लौट आए।
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सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अगले दिन केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती और केंद्रीय सड़क परिवहन, ग्रामीण विकास मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर प्रदेश की तमाम योजनाओं को मूर्त रूप देने का अनुरोध किया।
यमुना पर एक और बांध पर सहमत उमाभारती
केंद्रीय मंत्रियों ने कई योजनाओं पर तत्काल सहमति भी जताई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उमा भारती यमुना नदी पर एक और बांध बनाए जाने पर सहमत हैं। सीएम ने कहा कि यमुना तभी स्वस्थ और स्वच्छ होगी जब लखवाड़ और किशाऊ जैसा एक और बांध बनाया जाए।
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उन्होंने बताया कि किशाऊ जल विद्युत परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री से शीघ्र हिमाचल और उत्तराखंड के बीच समझौता कराने और जमरानी बांध को लेकर भी यूपी के साथ जल्द एमओयू पर हस्ताक्षर की बात कही है।
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उन्होंने योजना आयोग के पास इनवेस्टमेंट क्लीयरेंस न मिलने से रुके प्रदेश के बाढ़ नियंत्रण से जुड़े प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी की मांग की है। इनमें से कुछ रावत (उन्हीं) के बतौर जल संसाधन मंत्री के कार्यकाल की हैं। एआईबीपी की सिंचाई से जुड़ी कुछ लंबित योजनाओं की भी जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी है।
सीएम ने बताया कि उमा भारती ने राज्य बाढ़ नियंत्रण के कामों में पूरी मदद का आश्वासन दिया है।
चारधाम की सड़कें होंगी मौसम अनुकूल
चारधाम यात्रा को जाने वाली प्रदेश की सड़कें वेदरप्रूफ यानि मौसम अनुकूल बनाई जाएंगी। सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार चार धाम के लिए हाईपॉवर कंसलटेंट प्रोजेक्ट तैयार करा रही है जो बेहतर पहल है। सेंट्रल रोड फंड से प्रदेश ने साढ़े पचीस करोड़ मांगे हैं जिस पर भी सहमति मिल गई है।
राज्य को हर साल मरम्मत के लिए मिलने वाले 350 करोड़ रुपये के अतिरिक्त 50 करोड़ की मांग पर भी गडकरी सहमत हैं। चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा बीआरओ को तत्काल मदद के रूप में दिए 50 करोड़ की वापसी पर भी गडकरी ने आश्वासन दिया है।
केंद्रीय मंत्री से सीमांत क्षेत्रों के लिए नए राजमार्गों की मांग भी उठाई गई है। खस्ताहाल टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच-25 की मरम्मत के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक मदद मांग है जिसे पीडब्ल्यूडी से बनवाया जाएगा।
इन पर सहमति
हरिद्वार- गाजियाबाद एनएच एलीवेटेड होगा
नेशनल हाई-वे को अर्धकुंभ के पहले होगा चार लेन
नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग होगा चार लेन
पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार रोशनाबाद को एनएच की तरह होगा विकसित
हरिद्वार-रोशनाबाद, बिहारीगढ़ मार्ग का एनएच के रूप में होगा विकसित
सड़कों के लिए राज्य सरकार को जमीन होगी अधिग्रहीत
केंद्र सरकार रिले रेस का पाटर्नर
रावत बदली परिस्थिति में केंद्र और राज्य के रिश्तों को आशा से देख रहे हैं। उनका कहना है कि यह रिले रेस की तरह है कभी हम आगे थे कभी वे आगे हैं। वे रिले रेस के पाटर्नर हैं जो लक्ष्य को पूरा करेंगे। पहले हमारी सरकार ने मदद की, अब वे करेंगे।