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नाली न होने से सड़क बनती जा रही तालाब
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गढ़ी कैंट कौलागढ़ वार्ड की खस्ताहाल सड़क।--संवाद फोटो
- फोटो : DEHRADUN
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नाली न होने से कौलागढ़ वार्ड की सड़क तालाब में तब्दील होती जा रही है। गढ़ी कैंट और डाकरा का सारा गंदा पानी आ रहा है। कैंट बोर्ड क्षेत्र तक तो नाली बनी है, पर नगर निगम क्षेत्र में नहीं है, जिससे कौलागढ़ से गढ़ी कैंट और राजपुर रोड जाने वालों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने से पहले कौलागढ़ में सिंचाई विभाग की गूल होती थी। उस वक्त पानी बाजावाला तक जाता था। इससे यहां के क्षेत्र में सिंचाई का काम भी होता था, मगर नगर निगम में शामिल होने के बाद से यह सब बंद है। कैंट बोर्ड से लंबे समय अपने गंदे पानी का इंतजाम करने के लिए कहा जा रहा है। बोर्ड में उनकी इस बात की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जोशी ने नगर निगम पर भी कई आरोप लगाए।
उनका कहना है कि गूल की लिपाई पुताई कर कई बार बजट को ठिकाने लगाया जा चुका है, मगर आज तक गूल बंद है। वर्ष 2019 में नाली बनाने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। यहां काम भी शुरू हुआ, लेकिन चंद मीटर नाली बनाकर बोर्ड लगाया और काम खत्म कर दिया। उधर, इस गंदे पानी को सीवर लाइन में भी डाला जा रहा है। कुछ गंदा पानी तो कौलागढ़ की सीमा में नाली न होने से सड़क पर बह रहा है। बाकी गंदा पानी सीवर लाइन के रास्ते एक सीवर चैंबर से ओवरफ्लो होकर बाहर निकल रहा है। तीन विभाग मिलकर भी इस समस्या का निदान नहीं करा पा रहे हैं।
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क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने से पहले कौलागढ़ में सिंचाई विभाग की गूल होती थी। उस वक्त पानी बाजावाला तक जाता था। इससे यहां के क्षेत्र में सिंचाई का काम भी होता था, मगर नगर निगम में शामिल होने के बाद से यह सब बंद है। कैंट बोर्ड से लंबे समय अपने गंदे पानी का इंतजाम करने के लिए कहा जा रहा है। बोर्ड में उनकी इस बात की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जोशी ने नगर निगम पर भी कई आरोप लगाए।
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उनका कहना है कि गूल की लिपाई पुताई कर कई बार बजट को ठिकाने लगाया जा चुका है, मगर आज तक गूल बंद है। वर्ष 2019 में नाली बनाने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। यहां काम भी शुरू हुआ, लेकिन चंद मीटर नाली बनाकर बोर्ड लगाया और काम खत्म कर दिया। उधर, इस गंदे पानी को सीवर लाइन में भी डाला जा रहा है। कुछ गंदा पानी तो कौलागढ़ की सीमा में नाली न होने से सड़क पर बह रहा है। बाकी गंदा पानी सीवर लाइन के रास्ते एक सीवर चैंबर से ओवरफ्लो होकर बाहर निकल रहा है। तीन विभाग मिलकर भी इस समस्या का निदान नहीं करा पा रहे हैं।
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