Rishikesh: कौन है वीरेंद्र जिसे सालों बाद भी देखते ही पहचान गए मोहन भागवत, कार्यक्रम स्थल तक गए साथ
Rishikesh News: संघ कार्यकर्ता वीरेंद्र चौबे ने बताया कि वर्ष 2021 में ऑरोवैली आश्रम में एक बैठक के दौरान उनकी भेंट सरसंघचालक से हुई थी। आरएसएस प्रमुख ने जब कार्यकर्ता को यहां देखा तो तुरंत पहचान लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
योगनगरी पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत तीन साल पहले एक कार्यक्रम में मिले कार्यकर्ता को पहचाना और उसके कंधे पर हाथ रख बातचीत करते हुए कार्यक्रम स्थल तक गए।
ऋषिकेश का यह युवा कार्यकर्ता सरसंघचालक भागवत को ऑरोवैली आश्रम रायवाला में एक कार्यक्रम के दौरान मिला था। आरएसएस प्रमुख ने जब कार्यकर्ता को यहां देखा तो तुरंत पहचान लिया। अमित ग्राम निवासी संघ कार्यकर्ता वीरेंद्र चौबे ने बताया कि वर्ष 2021 में ऑरोवैली आश्रम में एक बैठक के दौरान उनकी भेंट सरसंघचालक से हुई थी।
Rishikesh: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे ऋषिकेश, किया माधव सेवा विश्राम सदन का लोकार्पण
उक्त कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए वह भी आश्रम गया था और वहां उसे अतिथि रसोई व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली थी। एक बार वह सरसंघचालक मोहन भागवत के लिए भोजन लेकर गया था।
उसी दौरान उसकी सरसंघचालक से बातचीत हुई थी। उसी कार्यक्रम में दूसरी बार मोहन भागवत उसे रसोई के बाहर मिले थे। वीरेंद्र ने बताया कि आज वह गेट पर खड़ा था। इसी गेट से मोहन भागवत को कार्यक्रम स्थल पर जाना था।
कार्यक्रम स्थल पर जाते हुए सरसंघचालक की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे पहचान लिया और अपने पास बुलाया। वीरेंद्र ने बताया कि भागवत ने पढ़ाई के बारे में पूछा और पढ़ते रहने को कहा। वीरेंद्र ने श्रीदेव सुमन विवि के प. ललित मोहन शर्मा परिसर से स्नातक किया है।