ऋषिकेश: दिल्ली के पर्यटकों को गंगा किनारे हुक्का गुड़गुड़ाना पड़ा भारी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
बता दें कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर तीनों आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया।
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ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट स्थित पार्किंग स्थल पर तीन पर्यटकों को हुक्का गुड़गुड़ाना भारी पड़ गया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, कोटपा अधिनियम व उत्तराखंड राज्य महामारी अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है।
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कोतवाली पुलिस ने बताया कि शनिवार को त्रिवेणी घाट परिसर में गंगातट के समीप पार्किंग में देवेंद्र (32) निवासी घासा रोड निकट वाल्मीकि मंदिर, मित्राऊ, थाना बाबा हरिदास नगर, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, आनंद (27) निवासी गोपालनगर, नजफगढ़, थाना बाबा हरिदासनगर, दिल्ली और अमर सिंह (65) निवासी 500 स्वामी बाड़ा मित्राऊ, थाना बाबा हरिदास नगर दक्षिण पश्चिम दिल्ली हुक्का पीकर हुडदंग मचा रहे थे।
स्थानीय लोगों की शिकायत पर तीनों आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि गंगा किनारे हुक्का पीना, शराब का सेवन करने और मां गंगा को दूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीर्थनगरी में इस वीकेंड पर्यटकों की चहलकदमी रही कम
वीकेंड में तीर्थनगरी में इस बार पर्यटकों की चहलकदमी कम देखने को मिली। लक्ष्मणझूला रोड पर भी वाहनों की आवाजाही सुचारू रही। लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम में होटल, कैंप में 50 फीसद ही पर्यटक पहुंचे। इसका मुख्य कारण प्रदेश सरकार की ओर से श्रावण मास की कावंड यात्रा पर रोक है। बाहरी पर्यटकों का तीर्थनगरी में प्रवेश करने के लिए उनसे उनका कोविड-19 जांच की रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से रायवाला, कैलासगेट, तपोवन, भद्रकाली, गरुड़चट्टी पर सख्ती बरती जा रही है। जिन सैलानियों के पास आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट नहीं हैं उन्हें वापस भेजा जा रहा है। जिसके चलते इन दिनों नीलकंठ में भी सीमित मात्रा में शिवभक्त पहुंच रहे हैं।
शनिवार को तपोवन, लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम और नीलकंठ धाम में सैलानियों और श्रद्धालुओं की चहलकदमी कम ही रही। गंगा घाट और तटों पर गिनेचुने पर्यटक ही घूमते हुए नजर आए। रामझूला, लक्ष्मणझूला और जानकीसेतु पर भी सैलानियों की चहलकदमी कम रही। इस वीकेंड पर पर्यटकों की आमद कम होने पर व्यापारियों में मायूसी छा गई। होटल व्यवसायी अनुसूया प्रसाद पांडेय ने कहा कि बीते शनिवार और रविवार को तपोवन क्षेत्र में पर्यटकों की भीड़भाड़ थी। होटल एडवांस बुक हो गए थे। लेकिन इस बार वीकेंड सैलानियों की संख्या बहुत कम रही।