ऋषिकेश: संदिग्ध परिस्थितियों में होमगार्ड वीर सिंह की मौत, अगले महीने होने थी शादी
होमगार्ड वीर सिंह की मौत से परिवार और सिमलथ गांव सदमें है। थाना रानीपोखरी पुलिस ने बताया कि वीर सिंह पास के गांव में ही सगाई हो गई थी। अक्टूबर में शादी होनी थी। घर के सदस्य और रिश्तेदार शादी की व्यवस्थाओं में जुट गए थे।
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ऋषिकेश के थाना रानीपोखरी अंतर्गत इठराना रोड स्थित सिमलथ गांव में एक होमगार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मौके पर पहुंची थाना रानीपोखरी पुलिस ने शव का का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए देहरादून भेज दिया है।
रानीपोखरी थानाध्यक्ष जितेंद्र चौहान ने बताया कि सिमलथ गांव निवासी वीर सिंह (30) पुत्र चंदन सिंह बीते बुधवार रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया। बृहस्पतिवार की सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजनों ने उसका दरवाजा खटखटाया। लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं हुई।
अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने थाना रानीपोखरी पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने बाहर से दरवाजा तोड़कर देखा तो वीरसिंह रस्सी के सहारे पंखे के हुक से लटका हुआ था। पुलिस को घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पूछताछ के बाद पता चला कि वीर सिंह कई दिनों से मानसिक तनाव में चल रहा था। संभवत: इसी के चलते युवक ने आत्महत्या की है।
अगले महीने होने थी वीर सिंह की शादी
किसी को क्या पता था कि एक महीने बाद जिस वीर सिंह को सेहरा सजाकर अपनी दुल्हनियां लेने जाना था। आज उसी जवान की एक महीने पहले अर्थी उठानी पड़ेगी। घर वालों ने अपने बेटे की शादी की सपने सजा दिए थे। परिवार के सदस्य शादी की खरीदारी में जुट गए थे। लेकिन अफसोस परिवार के सदस्यों का सपना एक मातम में बदल गया।
होमगार्ड वीर सिंह की मौत से परिवार और सिमलथ गांव सदमें है। थाना रानीपोखरी पुलिस ने बताया कि वीर सिंह पास के गांव में ही सगाई हो गई थी। अक्टूबर में शादी होनी थी। घर के सदस्य और रिश्तेदार शादी की व्यवस्थाओं में जुट गए थे। लेकिन जवान ने ऐसा कदम उठाकर सबको रोता बिलखता छोड़ दिया।
गंगा में डूबे पर्यटकों का नहीं चला पता
थाना मुनिकीरेती अंतर्गत मालाकुंटी और सच्चाधाम आश्रम के समीप गंगा में डूबे पर्यटकों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पर्यटकों की खोजबीन नहीं हो पा रही है।
बीते 23 अगस्त को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मालाकुंटी पुल से सेल्फी खींचवाने के चक्कर में बुलंदशहर का एक पर्यटक पुल से नीचे गंगा में गिर गया था। करीब दस दिन बीतने के बाद भी पर्यटक का अभी तक कुछ पता नहीं चला है।
बीते 14 अगस्त को तपोवन स्थित सच्चा धाम आश्रम के समीप गंगा में हरियाणा का एक युवक भी डूब गया था, उसका भी अभी तक कुछ पता नहीं चला। बीते चार अगस्त को तपोवन में एक होटल के समीप गंगा में डूबे मुंबई के दो पर्यटकों का भी अभी तक कुछ पता नहीं चला है। बरसात के कारण इन दिनों गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
बैराज, भीमगोड़ा के गेट खुले हैं। जिसके चलते इन पर्यटकों का शव बिजनौर बैराज में मिलने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उधर थाना मुनिकीरेती प्रभारी निरीक्षक कमलमोहन भंडारी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से गंगा में डूबे पर्यटकों की खोजबीन नहीं हो पा रही है। नदी का प्रवाह तेज होने के कारण कुछ नहीं कहा जा सकता कि गंगा में डूबे पर्यटक अब कहां मिलेंगे।