फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rishikesh Amit Shah arrives at centenary celebrations of Swargashram Kalyan Patrika Cm Dhami Also attend

कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन: अमित शाह बोले, कल्याण ने पन्ने नहीं, भारत की आत्मा को छापा है

Wed, 21 Jan 2026 04:32 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 21 Jan 2026 04:32 PM IST
सार

स्वर्गाश्रम के गीताभवन में आयोजित कार्यक्रम में आज सुप्रसिद्ध कल्याण पत्रिका के शताब्दी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री शाह और सीएम भी पहुंचे हैं।

विज्ञापन
Rishikesh Amit Shah arrives at centenary celebrations of Swargashram Kalyan Patrika Cm Dhami Also attend
कार्यक्रम में शामिल केंद्रीय मंत्री अमित शाह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित सुप्रसिद्ध पत्रिका कल्याण के शताब्दी समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा सांस्कृतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कल्याण ने केवल पन्ने नहीं रचे, बल्कि भारत की आत्मा को छापा है। शाह के अनुसार, जब-जब देश पर संकट आया, इस पत्रिका ने भारतीय संस्कृति के दीप को प्रज्ज्वलित रखा और यह सिद्ध किया कि सनातन की रक्षा शोर से नहीं, बल्कि शास्त्र और तर्क की शक्ति से संभव है।

विज्ञापन


बुधवार को स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में शताब्दी महोत्सव आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कल्याण ने हमें सिखाया कि सभ्यताएं तलवार से नहीं शब्द और ज्ञान से खड़ी होती हैं और शब्द तभी प्रभावी होते हैं जब उनमें सत्य और सत्व का तेज हो। गीता प्रेस ने 103 वर्षों से सनातन धर्म की लौ को ताकत देने का काम किया है।
विज्ञापन


उन्होंने करोड़ों लोगों को भक्ति के माध्यम से आध्यात्म की ओर प्रेरित किया और अध्यात्म के रास्ते पर आगे चलते-चलते मोक्ष तक का रास्ता प्रशस्त करने का मार्ग बताया। गीता प्रेस ने सनातन संस्कृति को हर व्यक्ति के हृदय में अटूट श्रद्धा निर्मित करने का कार्य किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं बल्कि पीढि़यों के निर्माण करने के लिए चलती है। अपने तरीके से सद साहित्य को करोड़ों लोगों तक पहुंचाने का कार्य गीता प्रेस ने किया है। कल्याण एक प्रकार से ज्ञान की सनातन ज्योति को हर वाचक तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि कल्याण ने हर संकट में भारतीय संस्कृति के दीप को जलाकर रखने का कार्य किया है। कल्याण एक पत्रिका मात्र नहीं है बल्कि भारतीयों के लिए आध्यात्मिक जगत का पथ प्रदर्शक है। भारत की संस्कृति को अमर करने के लिए काफी प्रयास चल रहे है, जिसमें सबसे मजबूत प्रयास का नाम कल्याण पत्रिका है। कल्याण ने 100 साल में सनातन धर्म के अनुयायियों की सज्जन शक्ति को संगठित करने का कार्य किया है। अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस ने कभी भी अपने महिमा मंडन व प्रचार के लिए कुछ नहीं किया।

Haridwar: आज और कल उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह, दो दिन तक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू


 

हिंदू संस्कृति को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद हिंदू संस्कृति पर उस समय अंक प्रकाशित किया जब जवाहर लाल नेहरू के समय में पाश्चात्य असर से हमारे देश की नीतियां गढ़ी जा रही थी। 1950 में देश में शिक्षा, विदेश, व्यापार नीति पश्चिम के प्रभावों से बन रही थी, उस वक्त कल्याण ने चुपचाप कुछ करे बगैर हिंदू संस्कृति अंक प्रकाशित किया। इसमें हिंदू धर्म दर्शन, हिंदू आचार विचार, रीति रिवाज, पर्व उत्सव, कला संस्कृति को भारत की जनता के सामने रखने का काम कल्याण ने किया। आक्रामक भाषा के प्रयोग किए बिना कल्याण नामक ज्ञान का दीप जलाया। गीता प्रेस ने अनेक साहित्यों की रचना की और इसके कारण राष्ट्र में एक चेतना जागृत हुई। लोगों में सनातन धर्म के प्रति आकर्षण, आशा और भारतीय संस्कृति में विश्वास फिर से एक बार दृढ़ होता देख रहे हैं।

सत्संग की भूमि पर पहुंचा हूं
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज मैं यहां आया, सत्संग की भूमि पर पहुंचा, भगवान लक्ष्मी-नारायण के दर्शन किए, मां गंगा की पूजा की और संतों की उपस्थिति में कल्याण के शताब्दी समारोह को देखा। यह आयोजन भी कल्याण की तरह ही सात्विक, शुद्ध और प्रेरणादायी है। यह केवल उत्सव नहीं है, यह एक तपस्वी परंपरा का सौ वर्ष का साक्ष्य है।

महात्मा गांधी ने कहा था कि कल्याण में विज्ञापन नहीं छापना
अमित शाह ने कहा कि जब कल्याण शुरू हुआ था तब महात्मा गांधी ने कहा था कि कल्याण में कभी विज्ञापन मत छापना। और जब कार्यक्रम में लिए मुझे आमंत्रण देने आए तो मैंने पूछा कि विज्ञापन छापने की जरूरत पड़ी है क्या तो उन्होंने कहा कि 100वां अंक है लेकिन एक भी विज्ञापन नहीं छापा है। महात्मा गांधी ने कल्याण के कर्ताधर्ताओं को कहा था कि विज्ञापन मत छापना। आध्यात्मिक पत्रिकाओं व ग्रंथों को बाजार के दबाव से मुक्त रहना चाहिए। उस सलाह को आज तक कल्याण निरंतर पालन करता आया है और शायद यह देश और विदेश की शून्य विज्ञापन वाली पहली पत्रिका होगी। गीता प्रेस का उद्देश्य पुस्तकों की बिक्री नहीं है, हमारा उद्देश्य चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण है।

हस्तप्रद से लीथोप्रेस की यात्रा
अमित शाह ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से हनुमान प्रसाद पोद्दार का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। इन्होंने सबकुछ छोड़कर अपना जीवन गीता प्रेस को समर्पित किया। शायद ही कोई मुद्रण करने वाली संस्था होगी जिसने हस्तप्रद से लेकर चार कलर में छपने वाली लीथोप्रेस की यात्रा की हो। कहा कि संस्था को बनाए रखिए, जरूर कोई दूसरा 200वां अंक प्रकाशित करने आएगा।

गंगा की पूजा-अर्चना की
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गीता भवन नंबर एक परिसर के मंदिर में पूजा अर्चना की और गंगा घाट पर गंगा में पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed