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पुलिस मुख्यालय ने शासन को दोबारा भेजा राजस्व पुलिस संबंधी प्रस्ताव
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राजस्व क्षेत्रों को रेगुलर पुलिस के हवाले करने संबंधी प्रस्ताव को पुलिस मुख्यालय ने दोबारा शासन को भेज दिया है। शासन के कहे अनुसार इस प्रस्ताव में त्रुटियों को दुरुस्त कर लिया गया है। जल्द ही इसका नोटिफिकेशन कर दिया जाएगा।
बता दें कि अंकिता हत्याकांड के बाद राजस्व पुलिस क्षेत्रों को रेगुलर पुलिस में शामिल किए जाने की मांग उठी थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी आदेश दिए थे। इसके बाद शासन के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में राजस्व क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस की 20 चौकी और छह थाने खोलने की मंजूरी दे दी गई थी। इसके लिए फिर से विस्तृत प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। लेकिन, इस बार बहुत से गांवों की सूची ठीक नहीं थी। इसके साथ ही सिर्फ एक ही भाषा में गांवों और थानों के नाम लिखे गए थे।
इस पर शासन ने इस प्रस्ताव को पुलिस मुख्यालय को लौटा दिया था। पुलिस मुख्यालय ने इस पर फिर से मंथन किया और बुधवार को पूरी तरह तैयार कर लिया गया। डीआईजी पुलिस आधुनिकीकरण सेंथिल अबूदई कृष्ण राज एस ने बताया कि प्रस्ताव को दोबारा से शासन को भेज दिया गया है। उनके बताए सारे सुझावों को शामिल कर दिया गया है। गांवों के नाम अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लिख दिए गए हैं। शासन में इस संबंध में जल्द ही फैसला लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
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बता दें कि अंकिता हत्याकांड के बाद राजस्व पुलिस क्षेत्रों को रेगुलर पुलिस में शामिल किए जाने की मांग उठी थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी आदेश दिए थे। इसके बाद शासन के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक में राजस्व क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस की 20 चौकी और छह थाने खोलने की मंजूरी दे दी गई थी। इसके लिए फिर से विस्तृत प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। लेकिन, इस बार बहुत से गांवों की सूची ठीक नहीं थी। इसके साथ ही सिर्फ एक ही भाषा में गांवों और थानों के नाम लिखे गए थे।
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इस पर शासन ने इस प्रस्ताव को पुलिस मुख्यालय को लौटा दिया था। पुलिस मुख्यालय ने इस पर फिर से मंथन किया और बुधवार को पूरी तरह तैयार कर लिया गया। डीआईजी पुलिस आधुनिकीकरण सेंथिल अबूदई कृष्ण राज एस ने बताया कि प्रस्ताव को दोबारा से शासन को भेज दिया गया है। उनके बताए सारे सुझावों को शामिल कर दिया गया है। गांवों के नाम अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लिख दिए गए हैं। शासन में इस संबंध में जल्द ही फैसला लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।
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