फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Revenue administration is serious about Rishikul Vidyapeeth land plan to build a park or baraat ghar haridwar

Haridwar News: कवायद...विद्यापीठ की भूमि को संरक्षित करने में जुटा प्रशासन, पार्क या बरात घर बनाने की योजना

Sat, 15 Mar 2025 04:22 PM IST
रेनू सकलानी कृष्णकांत मणि त्रिपाठी, माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार
कृष्णकांत मणि त्रिपाठी, माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 15 Mar 2025 04:22 PM IST
सार

बीते दिनों ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम की जमीन खुर्द-बुर्द करने की तैयारी कर ली गई। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस प्रकरण की जानकारी के लिए कमेटी गठित करते हुए रिव्यू फाइल कर दिया। फिलहाल भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगी हुई है।

विज्ञापन
Revenue administration is serious about Rishikul Vidyapeeth land plan to build a park or baraat ghar haridwar
हरिद्वार - फोटो : संवाद

विस्तार

ऋषिकुल विद्यापीठ की जमीन को लेकर राजस्व प्रशासन गंभीर है। विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम के नाम जमीन कब और किस वर्ष में दर्ज की गई इसका पूरा सजरा सहारनपुर से जुटाया जा रहा है। वहीं, भूमि को सुरक्षित करने के लिए कुछ व्यावसायिक दृष्टिकोण से भी योजना बनाई जा रही है। भूमि पर फिलहाल, जिलाधिकारी प्रशासक और सिटी मजिस्ट्रेट सचिव नामित हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने भूमि का मौका मुआयना किया। माना जा रहा है कि इसकी पैमाइश करते हुए जल्द ही अतिक्रमण करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।

विज्ञापन


विकास कॉलोनी स्थित ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम के नाम से जमीन मौजूद है। बीते दिनों इसे खुर्द-बुर्द करने की तैयारी कर ली गई। मामला जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस प्रकरण की जानकारी के लिए कमेटी गठित करते हुए रिव्यू फाइल कर दिया। फिलहाल भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगी हुई है।
विज्ञापन


इस बीच आश्रम की जमीन का संरक्षण कर रही सचिव सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान दस्तावेजों को जुटाने में लग गई हैं। माना जा रहा है कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद की तहसील होने के कारण अभिलेखों के मूल दस्तावेजों का मुआयना सहारनपुर जिला मुख्यालय पर स्थित बंदोबस्त कार्यालय और अभिलेखागार में किया जा रहा है। दस्तावेजों की पड़ताल लगभग पूरी हो चुकी है और दाननामा भी राजस्व प्रशासन के हाथ में है। ऐसे में अब जिला प्रशासन मजबूत आधार के साथ इस मामले को राजस्व परिषद के समक्ष रखेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

करोड़ों रुपये कीमत की संपत्ति पर कई बार हो चुका है खेल
बताया जा रहा है कि देहरादून स्थित राजस्व परिषद में श्याम सुंदर सिंघानिया नामक व्यक्ति ने इस भूमि पर अपना स्वामित्व बताते हुए एक वाद दायर किया था। राजस्व परिषद ने जब मामले की सुनवाई की तो उस दौरान अभिलेखों और साक्ष्य के अभाव में विद्यापीठ की करोड़ों की भूमि तनहा खाते के तौर पर दूसरे के नाम दर्ज कर दिया गया। इसमें तहसील प्रशासन ने भी कोई विचार विमर्श नहीं किया और संपत्ति के अभिलेखों में परिषद के आदेश का आधार बनाते हुए नाम दर्ज कर दिया।

1913 में निर्वाणी अखाड़े ने दान की थी ब्रह्मचर्य आश्रम को जमीन
जिस करोड़ों रुपये की जमीन को लेकर राजस्व परिषद से लेकर जिला प्रशासन तक हड़कंप मचा हुआ है, उसके जो दस्तावेज सामने आ रहे हैं, इसमें निर्वाणी अखाड़े के रिकॉर्ड भी अहम साबित होंगे। यह भूमि निर्वाणी अखाड़े ने वर्ष 2013 में ऋषिकुल विद्या पीठ ब्रह्मचर्य आश्रम को दान में दी थी। दाननामा सहारनपुर के मुआफिस खाने से मंगवाया गया है।

ये भी पढ़ें...Dehradun: चकराता के पास कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, दो लोगों की मौत, SDRF ने दो घायलों को निकाला

पार्किंग या बरातघर बनाने की तैयारी
ऋषिकुल विद्यापीठ की भूमि को संरक्षित करने के लिए प्रशासन इसे रानीपुर मार्केट के सघन आबादी क्षेत्र में वाहन पार्किंग या बरातघर के रूप में व्यावसायिक दृष्टिकोण से उपयोग में लाने की तैयारी में है। प्रशासन का मानना है कि पहले तो पैमाइश कराने के साथ ही इसकी चहारदीवारी बनाई जाएगी। वहीं, वाहन पार्किंग का संचालन करते हुए इससे आय के श्रोत बनाए जाएंगे। मौके का मुआयना करने पहुंची सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने कहा कि फिलहाल अभी इसकी पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है। बाद में किस मद से खाली पड़े प्लॉट को उपयोग में लाया जा सकता है इस पर विचार होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed