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सरकारी योजनाओं की जिम्मेदारी केवल सरकारी बैंकों के कंधे पर
Wed, 27 Feb 2019 12:27 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 27 Feb 2019 12:27 PM IST
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प्रदेश में चल रही सरकारी योजनाओं का ऋण देने की जिम्मेदारी केवल सरकारी बैंकों के कंधे पर है। निजी बैंक किसी भी योजना में ऋण देने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा तो अब तय किया गया है कि ऐसे निजी बैंकों की रिपोर्ट बनाकर रिजर्व बैंक को भेजी जाएगी, ताकि उन पर उसी हिसाब से कार्रवाई की जा सके। प्रदेश में वीरचंद्र सिंह गढ़वाली योजना, दीनदयाल उपाध्याय पर्यटन होम स्टे योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुद्रा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित तमाम केंद्र व राज्यों की योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं में एनपीए भी तेजी से बढ़ा है, लेकिन यह केवल सरकारी बैंकों का है।
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सोमवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने हैरानी जताई कि सभी सरकारी योजनाओं का ऋण केवल सरकारी बैंकों से ही जारी हो रहा है। निजी बैंकों से कोई पैसा जारी क्यों नहीं हो रहा है। उन्होंने एसएलबीसी को निर्देश दिए कि इन बैंकों की रिपोर्ट बनाकर आरबीआई को भेजी जाएगी, ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके।
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एक नजर योजनाओं पर
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना : इस योजना के तहत एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा ने 213.89 करोड़ रुपये का ऋण जारी किया है। बाकी सरकारी बैंकों ने 34.27 करोड़ का ऋण जारी किया है। एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, जे एंड के, फेडरल, इंडसंड बैंक, कर्नाटका बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा, बंधन, आईडीएफसी सहित करीब 15 बैंक हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत एक भी लोन आवंटित नहीं किया है।
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दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना : इस योजना के तहत एसबीआई, पीएनबी, बीओबी ने 51.88 लाख का ऋण जारी किया है। यहां भी प्राइवेट बैंकों का स्कोर शून्य है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन : इस योजना के तहत एसबीआई, पीएनबी, बीओबी ने 37.02 करोड़, ग्रामीण बैंक ने 10.81 करोड़ रुपये जारी किए हैं लेकिन 15 प्राइवेट बैंकों का स्कोर शून्य है।
मुद्रा लोन : केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में भी फेडरल बैंक, कॉपरेटिव बैंक, साउथ इंडियन बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, आईडीएफसी बैंक का स्कोर शून्य है। हालांकि इसमें कुछ प्राइवेट बैंक ने भी पैसा जारी किया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना : इस योजना के तहत पीएनबी, एसबीआई, बीओबी से 148.61 करोड़ रुपये का ऋण जारी किया गया। अन्य सरकारी बैंकों से 33.70 करोड़ का ऋण जारी हुआ। यहां भी आईसीआईसीआई को छोड़कर 15 प्राइवेट बैंकों का रिकॉर्ड शून्य है।
मुद्रा योजना में तेजी से बढ़ रहा एनपीए
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भी तेजी से एनपीए की ओर बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक, अभी तक प्रदेश में मुद्रा योजना का एनपीए आठ प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका है। आने वाले समय में इसके और बढ़ने की आशंका है। हालांकि बैंक कम से कम एनपीए के प्रयास कर रहे हैं।