यहां लव मैरिज करने वालों को चुनाव उम्मीदवारी में 'आरक्षण'
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वैसे तो आरक्षण सभी वर्गों के लोगों को चुनाव लड़ने का अवसर देता है, लेकिन हरिद्वार के पंचायत चुनावों में कुछ सीटों पर प्रेम विवाह को तरजीह दी जा रही है।
यहां प्रेम विवाह करके घर की बहू बनी प्रत्याशी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ऐसी प्रत्याशियों ने अपने जाति का प्रमाणपत्र पिता की जाति से लगाकर चुनाव को रोचक बना दिया है।
हरिद्वार शहर से सटी एक ग्राम सभा में प्रधान का पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित है। सामान्य जाति बाहुल्य वर्ग के सभी लोग इस लिहाज से चुनाव लड़ने से बाहर हो गए हैं
ऐसी बहुएं बनी हैं सभी की लाडली
इन सबके बीच सामान्य वर्ग के एक युवक की पत्नी मूलत: पिछड़े वर्ग की हैं। दोनों का प्रेम विवाह हुआ था। इसकी वजह से पत्नी का जाति प्रमाणपत्र पिता की जाति के आधार पर बना हुआ है।
ऐसे में सामान्य परिवार की सदस्य होने के बाद भी वह महिला प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इसी तरह एक सामान्य जाति के युवक ने गैर बिरादरी की युवती से प्रेम विवाह किया है। जिला पंचायत सीट आरक्षित होने के कारण युवक खुद चुनाव नहीं लड़ सकता था लेकिन पत्नी की जाति आरक्षित वर्ग से होने के कारण युवक ने पत्नी को मैदान में उतारा हुआ है।
ऐसे नजारे इस पंचायत चुनाव में कई सीटों पर दिखाई दे रहे हैं। प्रेम विवाह के समय भले ही परिजन एवं आसपास के लोग बहू को देखकर नाक-भौंहे सिकोड़े हों लेकिन इस समय ऐसी बहुएं सभी की लाडली बनी हुई हैं।