फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Relief amount will be given immediately without magisterial inquiry on road accidents in Uttarakhand News

Uttarakhand: प्रदेश में सड़क हादसों पर मजिस्ट्रेटी जांच के बिना तुरंत मिलेगी राहत राशि, आदेश जारी

Fri, 03 May 2024 12:40 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 03 May 2024 12:40 PM IST
सार

राज्य में दुर्घटना राहत निधि में देरी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सार्वजनिक सेवायान की दुर्घटना के मामलों में प्रभावितों को राहत राशि तत्काल जारी करने के निर्देश हैं।

विज्ञापन
Relief amount will be given immediately without magisterial inquiry on road accidents in Uttarakhand News
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में सड़क हादसों में राहत राशि के लिए अब मजिस्ट्रेटी जांच की जरूरत नहीं होगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक वाहनों से दुर्घटना में तत्काल राहत राशि दी जाए। उन्होंने प्रदेश में दुर्घटना रोकने को लगाए गए सभी क्रैश बैरियर की थर्ड पार्टी जांच के भी आदेश दिए।

विज्ञापन

सचिवालय में बृहस्पतिवार को सड़क सुरक्षा एवं अनुश्रवण समिति की अति महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य में दुर्घटना राहत निधि में देरी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सार्वजनिक सेवायान की दुर्घटना के मामलों में प्रभावितों को राहत राशि तत्काल जारी करने के निर्देश हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि राहत राशि की हकदारी के लिए अब मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं है।

विज्ञापन


जिलाधिकारियों को दुर्घटना राहत निधि के लिए 50-50 लाख रुपये धनराशि आवंटित है। इसके साथ ही सीएस रतूड़ी ने राज्य में विशेषकर देहरादून व हरिद्वार जिलों में अवैध खनन गतिविधियों से संबंधी सड़क दुर्घटनाओं एवं अपराधों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। क्रैश बैरियर लगाने की औपचारिकताओं से हटकर उनकी गुणवत्ता को शीर्ष प्राथमिकता पर लेने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को क्रैश बैरियर की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी ऑडिट के कड़े निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Kailash Gahtori Death: उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी का निधन, सीएम धामी के लिए छोड़ी थी सीट


उन्होंने अधिकारियों को अन्य देशों में क्रैश बैरियर के स्थान अन्य आधुनिकतम टेक्नॉलॉजी व बेस्ट प्रैक्टिसिज का अध्ययन कर राज्य में लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को निर्धारित डेडलाइन के भीतर अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की मैपिंग करने के साथ ही इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर आदि सुधारात्मक कदम के एक्शन प्लान पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन, लोक निर्माण, वित्त एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उत्तराखंड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने की नसीहत दी है।

प्रोफेशनल एजेंसी करेगी सड़कों का सेफ्टी ऑडिट
थाने-चौकियों में बंद पड़े वाहनों को सीएस राधा रतूड़ी ने शहर के नजदीक स्थान चिह्नित करते हुए एक साथ रखने की व्यवस्था के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने ने लोक निर्माण विभाग को प्रोफेशनल एजेंसी के माध्यम से नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट करवाने के साथ ही परिवहन विभाग को ऑनलाइन चालान व्यवस्था को मजबूत करने, दोपहिया वाहनों में हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अभियान चलाने, शिक्षा विभाग को पाठ्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में जागरुकता को शामिल करने, गुड समेरिटन योजना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अरविंद सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed