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परेड ग्राउंड पहुंचे आयोग से रिजेक्टेड कैंडिडेट्स
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देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की अपर निजी सचिव परीक्षा से रिजेक्ट हुए कैंडिडेट्स बुधवार को परेड ग्राउंड में इकट्ठा हुए। उनके आंदोलन को पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र जुगरान ने समर्थन दिया।
आयोग ने हाल ही में अपर निजी सचिव मुख्य परीक्षा के 1530 आवेदन रिजेक्ट कर दिए। इसके खिलाफ युवाओं में आक्रोश है। युवाओं का कहना है कि अर्हता को लेकर आयोग ने स्थित साफ नहीं की है। कंप्यूटर का एक साल का डिप्लोमा तो मांगा था, लेकिन यह नहीं बताया था कि डिग्री भी चलेगी या नहीं। केंद्रीय संस्थानों की डिग्री को भी मान्यता नहीं दी गई है। कई कैंडिडेट के आवेदन जाति प्रमाणपत्र के नाम पर रिजेक्ट कर दिए गए हैं। ऐसे कैंडिडेट्स को रविंद्र जुगरान ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वे बृहस्पतिवार को कैंडिडेट्स का प्रतिनिधिमंडल लेकर सचिवालय में अधिकारियों से वार्ता करेंगे। इसके बाद आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर भारी संख्या में कैंडिडेट्स मौजूद रहे।
शासन के नोटिफिकेशन पर चल रही परीक्षा
पूर्व दर्जाधारी रविंद्र जुगरान ने इस मामले में 29 अगस्त को शासन को पत्र दिया था। पत्र के आधार पर शासन ने आयोग को आवश्यक कार्रवाई को कहा था। इस पर आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार ने 25 सितंबर को साफ कर दिया था कि शासन से मिले सभी दिशा-निर्देश के आधार पर ही भर्ती की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। चयन की प्रक्रिया भी उसी हिसाब से पूरी की जाएगी।
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आयोग ने हाल ही में अपर निजी सचिव मुख्य परीक्षा के 1530 आवेदन रिजेक्ट कर दिए। इसके खिलाफ युवाओं में आक्रोश है। युवाओं का कहना है कि अर्हता को लेकर आयोग ने स्थित साफ नहीं की है। कंप्यूटर का एक साल का डिप्लोमा तो मांगा था, लेकिन यह नहीं बताया था कि डिग्री भी चलेगी या नहीं। केंद्रीय संस्थानों की डिग्री को भी मान्यता नहीं दी गई है। कई कैंडिडेट के आवेदन जाति प्रमाणपत्र के नाम पर रिजेक्ट कर दिए गए हैं। ऐसे कैंडिडेट्स को रविंद्र जुगरान ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वे बृहस्पतिवार को कैंडिडेट्स का प्रतिनिधिमंडल लेकर सचिवालय में अधिकारियों से वार्ता करेंगे। इसके बाद आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। इस मौके पर भारी संख्या में कैंडिडेट्स मौजूद रहे।
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शासन के नोटिफिकेशन पर चल रही परीक्षा
पूर्व दर्जाधारी रविंद्र जुगरान ने इस मामले में 29 अगस्त को शासन को पत्र दिया था। पत्र के आधार पर शासन ने आयोग को आवश्यक कार्रवाई को कहा था। इस पर आयोग के सचिव राजेंद्र कुमार ने 25 सितंबर को साफ कर दिया था कि शासन से मिले सभी दिशा-निर्देश के आधार पर ही भर्ती की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। चयन की प्रक्रिया भी उसी हिसाब से पूरी की जाएगी।
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