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Dehradun News: यूपीसीएल के दो सब स्टेशनों को नियामक आयोग की मंजूरी
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-20 करोड़ की परियोजनाओं से सुधरेगी बिजली आपूर्ति व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने चमोली के पाकी और देहरादून के सारा में प्रस्तावित 33 केवी विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। नए साल में इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 20.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पाकी में प्रस्तावित सबस्टेशन पर 11.10 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा 25 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 13.40 किलोमीटर 11 केवी लाइन और कोठियालसैंण में एक अतिरिक्त बे का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र में लंबे 11 केवी फीडरों के कारण होने वाली बार-बार बिजली आपूर्ति बाधा और कम वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। लगभग 4,000 उपभोक्ताओं को बेहतर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
वहीं, देहरादून के सारा क्षेत्र में बनने वाले 33 केवी सबस्टेशन पर 8.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत 1.7 किलोमीटर 33 केवी और चार किलोमीटर 11 केवी लाइन का निर्माण किया जाएगा। आयोग ने कहा कि तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में इस सबस्टेशन के निर्माण से मौजूदा उपकेंद्रों का भार कम होगा। लगभग 3,000 उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
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आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने ने दोनों परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बताते हुए कहा कि इनसे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, वोल्टेज स्तर और विश्वसनीयता में सुधार होगा। हालांकि आयोग ने याचिकाकर्ता को भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने और तकनीकी व वित्तीय विवरणों में पूरी सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं का क्रियान्वयन सभी सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद विस्तृत परियोजना पूर्णता रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी। किसी भी शर्त के उल्लंघन या गलत जानकारी पाए जाने पर मंजूरी रद्द की जा सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने चमोली के पाकी और देहरादून के सारा में प्रस्तावित 33 केवी विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। नए साल में इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 20.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पाकी में प्रस्तावित सबस्टेशन पर 11.10 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा 25 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 13.40 किलोमीटर 11 केवी लाइन और कोठियालसैंण में एक अतिरिक्त बे का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से क्षेत्र में लंबे 11 केवी फीडरों के कारण होने वाली बार-बार बिजली आपूर्ति बाधा और कम वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। लगभग 4,000 उपभोक्ताओं को बेहतर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
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वहीं, देहरादून के सारा क्षेत्र में बनने वाले 33 केवी सबस्टेशन पर 8.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत 1.7 किलोमीटर 33 केवी और चार किलोमीटर 11 केवी लाइन का निर्माण किया जाएगा। आयोग ने कहा कि तेजी से बढ़ते औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में इस सबस्टेशन के निर्माण से मौजूदा उपकेंद्रों का भार कम होगा। लगभग 3,000 उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
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आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद, सदस्य तकनीकी प्रभात किशोर डिमरी और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की पीठ ने ने दोनों परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बताते हुए कहा कि इनसे बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, वोल्टेज स्तर और विश्वसनीयता में सुधार होगा। हालांकि आयोग ने याचिकाकर्ता को भविष्य की मांग को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक योजना बनाने और तकनीकी व वित्तीय विवरणों में पूरी सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं का क्रियान्वयन सभी सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद विस्तृत परियोजना पूर्णता रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी। किसी भी शर्त के उल्लंघन या गलत जानकारी पाए जाने पर मंजूरी रद्द की जा सकती है।