भतीजे की चिंता छोड़, मोदी पर बरसीं बुआजी
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कांग्रेस पार्टी के साथ ही भतीजे साकेत बहुगुणा के लिए लखनऊ से प्रचार करने देहरादून पहुंचीं रीता बहुगुणा जोशी ने अपना फोकस साकेत पर कम रखा।
अलबत्ता, महिलाओं को लुभाने की कोशिश की और नरेंद्र मोदी को जमकर कोसा। साफ कहा-जो व्यक्ति अपनी पत्नी और मां का सम्मान नहीं रख सकता, उसे वोट न दें।
शनिवार शाम कांवली रोड गुरुद्वारे वाली गली में प्रचार के लिए पहुंची रीता बहुगुणा ने निमभन वर्ग की महिलाओं की दुखती रग को छेड़ा।
कहा कि आप लोग भी उन महिलाओं में हैं, जो दिन भर काम करती हैं। शाम को पति बच्चों के खाने के बाद खुरचन खाने पर मजबूर हैं।
खुरचन पर जीवन न बिताएं, कांग्रेस को जिताएं
कांग्रेस ने खाद्य सुरक्षा कानून आपके ही लिए दिया है। खुरचन पर जीवन न बिताएं, कांग्रेस को जिताएं।
इससे पूर्व मोदी को ‘बैलून’ की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को पार्टी के नाम पर वोट न मिलते, इसलिए उन्होंने नरेंद्र मोदी को आगे कर दिया।
करोड़ों के मैनेजमेंट को ‘लहर’ बताया जा रहा है। लहर पर नहीं, काम पर वोट मिलते हैं।
विधायक ने किया सामुदायिक केंद्र बनाने का वादा
बेशक इस वक्त नेता चुनावी आचार संहिता के दायरे में हैं, इसके बावजूद मंच से घोषणाएं, दावे हो रहे हैं।
कांवली रोड स्थित गुरुद्वारे वाली गली में अपने संबोधन के दौरान विधायक राजकुमार ने सामुदायिक केंद्र बनाने का वादा स्थानीय निवासियों से किया।
कहा कि वह कोई जमीन देख लें, इस पर केंद्र बनाने में जो भी खर्च आएगा वह अपनी निधि से वहन करेंगे।
इसके लिए पांच लाख से 25 लाख तक की सीमा भी उन्होंने बताई। कहा कि पहले भी वह पांच-छह गुरुद्वारों में सामुदायिक केंद्र का निर्माण करा चुके हैं।
पार्टी का झंडा बना ‘गंगाराम’
जनसभा में कांग्रेस के झंडों का इस्तेमाल खासी संख्या में हुआ, लेकिन यह झंडा नेताओं के भाषण में विघ्न बन रहे बच्चों को डराने के लिए भी खूब काम आया।
जनसभा में काफी कुर्सियों पर क्षेत्रीय निवासियों के बच्चों ने कब्जा जमा रखा था, जो वहां उधम मचा रहे थे। इस बीच स्थानीय नेता झंडे उतार बच्चों पर पिल पड़े।
जिस तरह क्लास में कभी मास्टर जी डंडे को ‘गंगाराम’ बताते हुए बच्चों पर पिल पड़ते थे, वैसा ही कुछ रोल इन नेताओं ने निभाया।