नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर, जल्द होंगी 5000 पदों पर स्टाफ नर्सों की भर्ती
- आईपीएचएस मानक पूरा करने के लिए चलेगा भर्ती अभियान
- शासन को जल्द प्रस्ताव भेजेगा स्वास्थ्य निदेशालय
- वर्तमान में 1160 स्टाफ नर्स कार्यरत, 371 पद खाली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पांच हजार स्टाफ नर्सों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजेगा।
इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) के मानकों को पूरा करने के लिए प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में कार्यरत स्टाफ नर्सों के अलावा पांच हजार नर्सों की और जरूरत है।
इन पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कम से कम से चार से पांच साल का समय लग सकता है। विभाग एक साल में एक हजार नर्सों की नियुक्ति करने को अभियान के तौर पर चलाएगा।
त्रिवेंद्र सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारने करने के लिए आईपीएचएस मानकों को लागू करने का निर्णय लिया है। शासन की ओर से इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया गया है।
पहले चरण में जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन आईपीएचएस मानकों को पूरा करने में सबसे बड़ी अड़चन स्टाफ नर्सों कमी है। वर्तमान में 1531 स्टाफ नर्सों के स्वीकृत पदों में से 1160 नर्स ही कार्यरत हैं। जबकि 371 पद खाली पड़े हैं। विभाग को आईपीएचएस मानकों के अनुसार पांच हजार स्टाफ नर्सों की जरूरत है।
इसके लिए विभाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप जिला चिकित्सालय और जिला अस्पतालों में बेड क्षमता के आधार पर स्टाफ नर्सों का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
बता दें कि सरकार ने आईपीएचएस के मानकों के अनुसार सरकारी अस्पतालों की श्रेणी निर्धारित कर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की संख्या तय की है। अस्पतालों का समायोजन कर पांच श्रेणी बनाई हैं। जिसमें पीएचसी टाइप-ए के 526, पीएचसी टाइप बी-52, सीएचसी 81, उप जिला चिकित्सालय 21 और जिला अस्पताल 13 हैं।
स्टाफ नर्सों के ये हैं मानक
मानक पूरे न करने पर बजट में कटौती
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारने के लिए आईपीएचएस मानक पूरे न करने पर केंद्र से मिलने वाले बजट में कटौती हो सकती है, जिससे सरकार का आईपीएचएस मानकों को लागू करने पर फोकस है।
आईपीएचएस मानकों को लागू करने के लिए पांच हजार स्टाफ नर्सों की आवश्यकता है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। वर्तमान में स्टाफ नर्सों के 371 पद खाली हैं। पहले चरण में जिला अस्पतालों में मानकों के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. अमिता उप्रेती, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग