मुख्यमंत्री आवास के किराए मामले को लेकर पूर्व सीएम कोश्यारी और बहुगुणा पहुंचे हाईकोर्ट
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पूर्व मुख्यमंत्रियों से छह माह में बाजार दर से बकाया किराया जमा कराने के हाईकोर्ट के आदेश को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और विजय बहुगुणा ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने किराया तय करने से पहले उन्हें नोटिस नहीं दिया। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की खंडपीठ बृहस्पतिवार को सुनवाई कर सकती है।
हाईकोर्ट ने देहरादून की संस्था रूलक की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व में प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से छह माह के अंदर बाजार दर से बकाया किराया जमा कराने का आदेश पारित किया था।
कोर्ट ने सरकार को चार माह के भीतर बिजली, पानी, गनर, टेलीफोन, पेट्रोल सहित अन्य सभी खर्चों की गणना करके चार माह के भीतर वसूलने के भी आदेश दिए थे। कोर्ट ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के मामले में कहा था कि सरकार चाहे तो उनकी संपत्ति से किराया वसूल कर सकती है।
सरकार ने पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों पर 2.85 करोड़ रुपए की राशि बकाया होने की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। सरकार ने बताया था की पूर्व सीएम निशंक पर 40.95 लाख, बीसी खंडूरी पर 46.59 लाख, विजय बहुगुणा पर 37.50 लाख, भगत सिंह कोश्यारी पर 47.57 लाख, एनडी तिवारी पर 1.13 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। याची का कहना था कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकार ने नियमविरुद्ध सुविधाएं दी हैं।