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पंचम राज्य वित्त आयोग की सिफारिश: पिछले वर्ष की तुलना में शहरी और ग्रामीण निकायों पर इस साल होगी ज्यादा धनवर्षा
Sun, 03 Apr 2022 02:17 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sun, 03 Apr 2022 02:17 PM IST
सार
निकायों को निर्धारित अंश के हिसाब से तय समय के अनुसार धनराशि आवंटित होगी। यदि किसी निकाय को वितरण सूत्र के हिसाब से पूर्व की तुलना में कम अंतरण प्राप्त होगा तो ऐसी स्थिति में उस निकाय को पूर्व में किए गए अंतरण के अनुरूप ही धनराशि दी जाएगी।
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- फोटो : istock
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विस्तार
प्रदेश में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायत राज संस्थाओं पर पिछले वर्ष की तुलना में इस साल से ज्यादा धनवर्षा होगी। पंचम राज्य वित्त आयोग ने शहरी व ग्रामीण निकायों की धनराशि में बढ़ोतरी की सिफारिश की है, जिसे राज्य सरकार ने लागू कर दिया है।
संस्थाओं के लिए राहत की बात यह है कि अब धनराशि को लेकर शासन स्तर पर कोई शर्त नहीं लगाई गई है। सिफारिश के अनुसार, निकायों को निर्धारित अंश के हिसाब से तय समय के अनुसार धनराशि आवंटित होगी। यदि किसी निकाय को वितरण सूत्र के हिसाब से पूर्व की तुलना में कम अंतरण प्राप्त होगा तो ऐसी स्थिति में उस निकाय को पूर्व में किए गए अंतरण के अनुरूप ही धनराशि दी जाएगी।
अब आय अर्जित करने की शर्त नहीं
तीसरे व चौथे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश से जुदा पंचायत राज्य वित्त आयोग ने निकायों को आय अर्जित करने की शर्त से मुक्त रखा है। अब उन्हें जारी होने वाले अनुदान की राह में कोई शर्त आड़े नहीं आएगी।
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नए निकायों को पहले साल 1.25 करोड़ मिलेंगे
आयोग की सिफारिश में थोड़ा संशोधन करते हुए प्रदेश सरकार ने तय किया कि नई नगर पंचायत या नगर पालिका परिषद को पहले साल 1.25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। दूसरे वर्ष आयोग की 75 लाख रुपये अनुदान की सिफारिश की तुलना में एक करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
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संस्थाओं के लिए राहत की बात यह है कि अब धनराशि को लेकर शासन स्तर पर कोई शर्त नहीं लगाई गई है। सिफारिश के अनुसार, निकायों को निर्धारित अंश के हिसाब से तय समय के अनुसार धनराशि आवंटित होगी। यदि किसी निकाय को वितरण सूत्र के हिसाब से पूर्व की तुलना में कम अंतरण प्राप्त होगा तो ऐसी स्थिति में उस निकाय को पूर्व में किए गए अंतरण के अनुरूप ही धनराशि दी जाएगी।
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अब आय अर्जित करने की शर्त नहीं
तीसरे व चौथे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश से जुदा पंचायत राज्य वित्त आयोग ने निकायों को आय अर्जित करने की शर्त से मुक्त रखा है। अब उन्हें जारी होने वाले अनुदान की राह में कोई शर्त आड़े नहीं आएगी।
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नए निकायों को पहले साल 1.25 करोड़ मिलेंगे
आयोग की सिफारिश में थोड़ा संशोधन करते हुए प्रदेश सरकार ने तय किया कि नई नगर पंचायत या नगर पालिका परिषद को पहले साल 1.25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। दूसरे वर्ष आयोग की 75 लाख रुपये अनुदान की सिफारिश की तुलना में एक करोड़ की धनराशि दी जाएगी।
पंचायती राज संस्थाओं की तय धनराशि
| संस्था | अंश | 2021-22 | 2022-23 |
| जिला पंचायत | 37.5 | 170.60 | 206.82 |
| क्षेत्र पंचायत | 17.5 | 81.60 | 96.52 |
| ग्राम पंचायत | 45 | 108.80 | 248.18 |
नोट : अंश प्रतिशत में व धनराशि करोड़ में।
शहरी स्थानीय निकायों में तय धनराशि
| संस्था | अंश | 2021-22 | 2022-23 |
| नगर निगम | 40 | 265.32 | 330.91 |
| नगर पालिका परिषद | 47 | 265.44 | 388.82 |
| नगर पंचायत | 13 | 64.22 | 107.55 |
नोट: अंश प्रतिशत में व धनराशि करोड़ में
ये बनाया गया है आबादी का मानक
आयोग की सिफारिश पर निकायों के लिए आबादी का मानक तय किया गया है। 10 हजार की आबादी पर नगर पालिका परिषद, पांच हजार की आबादी पर नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर 500 की न्यूनतम आबादी 500 की होगी।
इन कार्यों के लिए मिलेगा अनुदान
विस्तृत सर्वेक्षण के बाद जीआईएस आधारित मास्टर प्लान के लिए।
अनुसंधान के लिए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 35 प्रतिशत राज्यांश।
स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा आधारित एलईडी के लिए।
भूमिगत कचरा बिन स्थापित करने के लिए।
परिसंपत्तियां तैयार करने, विद्युत शव दाह गृह बनाने के लिए।
इन कार्यों के लिए मिलेगा अनुदान
विस्तृत सर्वेक्षण के बाद जीआईएस आधारित मास्टर प्लान के लिए।
अनुसंधान के लिए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 35 प्रतिशत राज्यांश।
स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा आधारित एलईडी के लिए।
भूमिगत कचरा बिन स्थापित करने के लिए।
परिसंपत्तियां तैयार करने, विद्युत शव दाह गृह बनाने के लिए।