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सीएम के गृह जनपद से सीएम दरबार पहुंचा दुराचार का मामला

Tue, 20 Jun 2017 01:06 PM IST
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 20 Jun 2017 01:06 PM IST
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rape case reached in cm trivendra rawat janta darbar
cm trivendra singh rawat

मुख्यमंत्री के गृह जनपद पौड़ी से एक युवती के यौन उत्पीड़न का मामला जनता दरबार में पहुंचा। युवती के परिजन कभी महिला आयोग तो कभी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियोें के यहां चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यौन उत्पीड़न के बाद पीड़िता एक बच्चे की मां भी बन चुकी है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही।

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जनता दरबार में पहुंची पीड़िता की चाची ने बताया कि गांव के ही एक युवक ने उसकी भतीजी के साथ जबरदस्ती की और बाद में उसे मारने की धमकी देता रहा, जिससे वह डर की वजह से चुप रही। मार्च में जब वह छह माह की गर्भवती हो गई तब परिवार वालों को यह बात पता चली। इस बीच युवती की सगाई भी हो चुकी थी। मामला सामने आने पर सगाई तोड़ दी गई और परिवार वाले देहरादून महिला आयोग पहुंचे।
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आयोग के पदाधिकारियों ने मामले को पौड़ी ट्रांसफर कर दिया और वहां की पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद एक महिला पुलिस कांस्टेबल उनके घर पहुंची और यह कहकर चलती बनी कि बच्चा होने के बाद उन्हें बता दें ताकि वह उसका डीएनए करा सके। दो जून को पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया, इसकी जानकारी तुरंत पुलिस वालों को दे दी गई।
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महिला कांस्टेबल फिर आई और बोली कि अब वह बच्चे का डीएनए कराने की अनुमति लेकर आएगी। लेकिन दो सप्ताह बाद भी कोई खबर नहीं है। परिजनों का कहना है कि पौड़ी में प्रशासन और पुलिस का रवैया सही नहीं है। सोमवार को चाची और दादा के साथ पीड़िता सीएम जनता दरबार पहुंची और आपबीती बताई। इस पर सीएम ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जेठानी को डराते हैं
पीड़िता की चाची ने बताया कि लड़के और उसके परिवार के डर की वजह से वह देहरादून में रह रहे हैं लेकिन गांव में रह रही उनकी जेठानी को जान का खतरा है। बताया कि लड़का शराब पीता है। वह और उसके परिजन अक्सर जेठानी को जान से मारने की धमकी देते हैं। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।


पीड़िता जब छह माह की गर्भवती थी तो यह मामला महिला आयोग पहुंचा था। मामला पौड़ी का होने के कारण जिला पुलिस को जल्द से जल्द कार्रवाई को आदेशित किया गया था। पुलिस की ओर से लड़के के जेल होने की सूचना भी दी गई। अब स्थिति सामने आई तो पता चला कि लड़के को जेल नहीं हुई। अब आयोग मामले को सीधे अपने स्तर से देखेगा और दोनों पक्षों को जल्द से जल्द आयोग में सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।
- रमिंद्री मंद्रवाल, सचिव, महिला आयोग

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