यहां मुस्लिम समुदाय के लोग करते हैं रामलीला
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उत्तराखंड में एक गांव ऐसा भी है जो दशहरे के मौके पर पूरे देश को एकता का संदेश देता है। जी हां, शांतिपुरी के ग्राम तुर्कागौरी की रामलीला पूरे देश में अनूठी है।
यहां 11 सालों से हिंदू और मुस्लिम साथ मिलकर रामलीला का आयोजन कर रहे हैं। रामलीला में कुछ पात्र मुसलमान युवक भी निभाते हैं।
इस बार रामलीला में रावण और सीता की भूमिका क्रमश: शहादत अंसारी और आशिफ अंसारी निभा रहे हैं। ग्राम तुर्कागौरी की कौमी एकता का इसी से पता चलता है कि रामलीला कमेटी का अध्यक्ष भी अब तक मुस्लिम समाज से रहा है।
ग्राम सभा तुर्कागौरी में विगत 11 सालों से लगातार रामलीला का मंचन हिंदू और मुस्लिम दोनों समाज के लोगों की सहभागिता से किया जा रहा है। यह पहली ऐसी रामलीला कमेटी है जिसका अध्यक्ष लगातार मुस्लिम समाज से बनता आया है।
मुस्लिम समाज के लोगों की रामलीला मंचन में भागीदारी
बीते दस सालों से रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशरफ अंसारी रहे। इस साल भी लियाकत अंसारी को अध्यक्ष बनाया गया है।
बुधवार रात को रामलीला के सातवें दिन राम, हनुमान मिलाप और लंका दहन का मंचन किया गया। मंचन का शुभारंभ कुमाऊं मंडल विकास निगम के निदेशक डॉ. गणेश उपाध्याय ने दीप जलाकर किया।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोगों ने रामलीला मंचन में भागीदारी करके पूरे प्रदेश और देश में प्रेरणा एवं भाईचारे का संदेश दिया है। यदि ऐसे ही देश में हर जगह पर हिंदू मुस्लिम समाज द्वारा कार्यक्रमों में भागीदारी हो तो रामराज्य स्वत: ही आ जाएगा।
इस बार रामलीला में सीता की भूमिका आशिफ अंसारी और रावण की भूमिका शहादत अंसारी निभा रहे हैं। रामलीला का संचालन पंकज शर्मा और राजेश श्रीवास्तव ने किया।
इस दौरान प्रधान नंद लाल यादव, अध्यक्ष लियाकत अली अंसारी, अरविंद यादव, रूप सिंह, नंद किशोर, एसएन यादव, नीतू प्रसाद, कुंवरसेन, मुनीम पांडे, बबलू गुप्ता, मंगल सिंह, राजनाथ सिंह आदि मौजूद थे।