वीडियो दे रही गवाही, खूनी झड़प के दौरान मौजूद थे रामदेव
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पतंजलि हर्बल फूड पार्क के आगे 27 मई (बुधवार) को हुई हिंसक झड़प के दौरान बाबा रामदेव भी पहुंचे थे। पतंजलि की ओर से कहा गया है जब रामदेव वहां पहुंचे तो लोग घायल पड़े हुए थे।
उन्होंने ही उन्हें अस्पताल भिजवाया। हालांकि पुलिस जांच कर रही है कि रामदेव घटना के दौरान पहुंचे या फिर बाद में वहां गए।
घटनास्थल की सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अलावा कुछ लोगों ने मोबाइल से भी वीडियो बनवाई है। मोबाइल से बनाई एक वीडियो में बाबा रामदेव फूड पार्क के बाहर घटनास्थल पर दिखाई दे रहे हैं। पुलिस की अभी तक की जांच में यह तो साफ हो गया है कि रामदेव और उनके भाई रामभरत घटनास्थल पर गए थे।
वीडियो देखें...
रामभरत को घटना के समय फूड पार्क में मौजूद बताया जा रहा है। जबकि रामदेव घटना के पहले पहुंचे, घटना के दौरान या फिर बाद में पुलिस इस पर अभी तक भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही है। पुलिस की ओर से बताया गया है कि पार्क के सीसीटीवी कैमरों की कुछ रिकार्डिंग नष्ट की गई है।
बोले आईजी
बाबा रामदेव वहां पहुंचे थे। कैमरों की कुछ रिकार्डिंग नष्ट की गई है। इसलिए उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। साइबर एक्स्पर्ट से नष्ट की रिकार्डिंग वापस जुटाने के लिए मदद ली जा रही है।
- संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक।
बालकृष्ण बोले, 'बाबा ने नैतिक जिम्मेदारी निभाई
27 मई की घटना के बाद पतंजलि में वरिष्ठ होने के नाते बाबा रामदेव वहां जाकर उपद्रव को शांत कराना और माहौल को ठीक कराना अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हैं। यदि वह वहां नहीं जाते तो करोड़ों लोग प्रश्न उठाते कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी वहां क्यों नहीं पहुंचे। बाबा रामदेव ने ही वहां लोगों को समझाया और उपद्रव शांत करवाया। वहां से दुर्घटनाग्रस्त लोगों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर अस्पताल भी भिजवाया। कुछ लोग इस पर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। यह अशोभनीय है।
-आचार्य बालकृष्ण महामंत्री पतंजलि योगपीठ।