योगगुरु बाबा रामदेव के भीतर छिपा है कोई दर्द!
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बाबा रामदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जबरदस्त प्रशंसक हैं। फिर भी बुलावे के बावजूद वे मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गए थे। अब ऐलान से पहले बाबा ने पद्म विभूषण अलंकरण उन्हें न दिए जाने का आग्रह केंद्र से किया।
यह मानकर कि बाबा को कोई न कोई पद्म अलंकरण मिलेगा, पतंजलि में स्वागत की तैयारियां भी चल रही थीं। दिल्ली में घोषणा होने के बाद पतंजलि की सभी इकाइयों में जश्न मनाया जाना था। लेकिन बाबा के इनकार से सब-कुछ धरा रह गया।
पतंजलि परिवार को इस बारे में कुछ समझ नहीं आया। पूछे जाने पर आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि नाराजगी की बात नहीं। यह तो बाबा की निजी राय है। वे मान-सम्मान से दूर रहना चाहते हैं।
अपने यहां बुलाकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट करने का काम बाबा रामदेव ने किया था।
क्या बाबा कीदीक्षा वर्षगांठ में आएंगे मोदी?
कांग्रेस के खिलाफ देशभर में चुनाव के दौरान प्रचार किया था। इसके बावजूद बाबा मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में बावजूद नहीं गए। अब घोषणा से पूर्व ही पद्म अलंकरण ठुकराने के कई अर्थ लगाए जा रहे हैं।
केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद बाबा की पतंजलि योगपीठ में कई बड़े भाजपा नेता आ चुके हैं। खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी यहां पहुंच चुके हैं।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा रामदेव अप्रैल में होने वाले अपने दीक्षा समारोह की वर्षगांठ में बुलाना चाह रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अभी तक मोदी ने इसके लिए स्वीकृति नहीं दी। बाबा की नाराजगी की और भी कईं वजहें हैं।