देहरादून: नजर आया चांद, शनिवार को होगा रमजान का पहला रोजा, शहर काजी ने की घरों में ही इबादत करने की अपील
- लॉकडाउन के चलते घरों में ही पढ़ी लोगों ने तरावीह की नमाज
- शहर काजी और शहर मुफ्ती ने की घरों में ही इबादत करने की अपील
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रमजान का चांद शुक्रवार की शाम नजर आ गया। देहरादून में पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद से कुछ लोगों ने चांद दिखने की तस्दीक की है, जिसके बाद शहर काजी ने माहे रमजान का एलान कर दिया। शनिवार को रमजान का पहला रोजा होगा।
बृहस्पतिवार को सऊदी अरब सहित गल्फ देशों में चांद दिखने के बाद शुक्रवार को भारत में भी चांद दिख गया। देहरादून में हालांकि शाम के वक्त हल्के बादल थे लेकिन पलटन बाजार जामा मस्जिद से शहर काजी ने चांद दिखने की तस्दीक की। इसके बाद गली-मोहल्लों की सभी मस्जिदों में रमजान का चांद दिखने का एलान कर दिया गया। इस मौके पर शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने कहा कि इस बार लॉकडाउन के चलते घरों से ही इबादत करनी है।
उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वह कहीं भी भीड़ इकट्ठा न करें। नमाज भी अपने घरों से ही अदा करें। वहीं, शहर मुफ्ती मो. सलीम अहमद ने भी माहे रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा है कि इस बार इफ्तारी में पड़ोस के जरूरतमंद लोगों की मदद भी करें। उन्होंने लोगों से घरों में रहकर इबादत करने की अपील की है।
प्रिंटिंग प्रेस बंद, नहीं छप पाए रमजान के टाइम टेबल
देशभर में लॉकडाउन के बीच इस साल जंत्री यानी विशेष टाइम टेबल नहीं छप पाया है। लिहाजा, इस साल या तो सोशल मीडिया में जारी हुए टाइम टेबल या आसपास की मस्जिद में होने वाले एलान या सायरन सुनकर रोजा इफ्तार और खत्म सहरी कर सकते हैं। हर साल लाखों रुपये के खर्च से अलग-अलग मदरसों, मस्जिदों, समाजसेवियों की ओर से रमजान का टाइम टेबल छपवाकर लोगों में निशुल्क बांटा जाता है।
इस साल यह परंपरा भी लॉकडाउन के चलते नहीं हो पाई। लिहाजा, मस्जिद और मदरसों की ओर से डिजिटल फॉर्मेट में रमजान का टाइम टेबल तैयार किया गया है। यह टाइम टेबल दो दिन पहले से ही लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से भेजा गया है।
रोजा इफ्तार और खत्म सहरी का इसमें पूरा समय दिया गया है। मुफ्ती सलीम अहमद का कहना है कि अगर किसी के पास स्मार्ट फोन नहीं है तो वह अपने आसपास की मस्जिद में होने वाले एलान या सायरन सुनकर रोजा इफ्तार और खत्म सहरी कर सकता है।