Raksha Bandhan 2020: सुबह बजे इतने से शुरू होगा शुभ मुहूर्त, लेकिन कोरोना के खौफ में हैं भाई-बहन
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इस बार रक्षाबंधन श्रावण मास शुक्लपक्ष पूर्णिमा के दिन तीन अगस्त को होगा। वहीं भाई बहन कोरोना महामारी के खौफ से रक्षाबंधन में आने-जाने से बच रहे हैं।
रक्षाबंधन का मुहूर्त सुबह 9:28 बजे शुरू होगा। उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने कहा कि 3 अगस्त को रक्षाबंधन और मैदानी क्षेत्रों के सावन का आखिरी दिन है। इसलिए इस दिन का खास महत्व है। रक्षाबंधन के दिन सुबह 9:28 बजे भद्रा रहेगी।
इसके बाद ही रक्षाबंधन मनाना शुभ होगा। कहा कि इस दिन ब्राह्मण समाज के लिए भी उपाकर्म के रूप में महत्वपूर्ण दिवस होता है। ब्राह्मण समाज के लोग पूजा पाठ कर जनेऊ को बदलते हैं। मान्यता है कि इस कर्म से पित्रों को भी मोक्ष मिलता है।
कोरोना के डर से रक्षाबंधन पर आने-जाने से बच रहे भाई-बहन
कोरोना संक्रमण का असर भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व पर भी साफ देखने को मिल रहा है। संक्रमण के डर से बहनें दूर रह रहे भाईयों के पास जाने से बच रही हैं।
भाईयों को भी न आने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में इस बार डाकघरों पर राखियां भेजने का ज्यादा लोड है। घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर (जीपीओ) में डाक से राखी भेजने के लिए प्रतिदिन भीड़ उमड़ रही है।
इससे निपटने के लिए जीपीओ में इस बार सात काउंटर लगाए गए हैं। प्रतिदिन इन काउंटरों पर 20-30 हजार राखियां भेजने के लिए आ रही हैं। एक हफ्ते में ही एक लाख से ज्यादा राखी डाक के लिए आई हैं।
बोले लोग
-संक्रमण के कारण बाहर जाना सुरक्षित नहीं है। मैं हर रक्षाबंधन पर भाई के पास जाती थी, लेकिन इस बार डाक से राखी भेजी है। - ज्योति शर्मा, संजय कॉलोनी
-मैंने भी बहन को रक्षाबंधन पर घर न आने की सलाह दी है। पहले खुद की सुरक्षा जरूरी है। खुद सही रहेंगे तो भविष्य में बहन को प्यार देंगे। -रत्नेश जैन, गुरु रोड
-मैंने भाई के लिए डाक से राखी भेजी है। संक्रमण की वजह से भाई के पास जाना सुरक्षित नहीं लगा। जो भाई पास में हैं उन्हें राखी बांधेंगे।- रूचि जायसवाल, धर्मपुर
-मेरी चचेरी बहन दिल्ली में रहती है। मैंने उसे आने से मना किया है। इसी में समझदारी है। जो बहनें पास हैं, वही राखी बांधने आएंगी। - ललित माटा, निरंजनपुर