इन्वेस्टर्स समिट में गृहमंत्री ने उत्तराखंड को बताया आइडल स्टेट, कहा 'यहां लोगों का मन बड़ा होता है'
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दो दिवसीय उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के आर्थिक विकास का जब भी इतिहास लिखा जाएगा, उसमें इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र होगा। उन्होंने कहा कि पहली बार इन्वेस्टमेंट को लेकर इतने बड़े आयोजन के लिए सरकार बधार्इ की पात्र है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की तारीफ की। साथ ही क्रिकेटर पृथ्वी शॉ का भी उदाहरण दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि संगठन के कारण मैंने उत्तराखंड का सर्वाधिक दौरा किया है। आर्थिक दृष्टी के कमजोर होने के कारण यहां पलायन हुआ है। लेकिन अब जिस प्रकार से प्रयास किए जा रहे हैं उससे पलायन तो रुकेगा ही, साथ ही जो लोग यहां से गए हैं वह भी वापस आएंगे। इस समय उत्तराखंड और केंद्र में स्थायी सरकार है। 2019 के चुनावों में क्या होगा, यह मुझे बताने की जरूरत नहीं है। इसलिए मैं अभी दोनों सरकारों को स्थायी कह रहा हूं।
विकास की सबसे बड़ी कड़ी सुरक्षा होती है, और उत्तराखंड की विशेषता ही लॉ एंड ऑर्डर है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने मुझे बताया था कि उत्तराखंड बेहद सुरक्षित है। वहां क्राइम चैलेंज नहीं है। इसलिए मैं उत्तराखंड को आइडल स्टेट मानता हूं। इनवेंस्टमेंट के लिए इससे बेहतर स्थिति और कहीं नहीं हो सकती। उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधन और मानव संसाधन की नहीं बल्कि सामंजस्य की कमी। जिसे दूर करने की जरूरत।
गृहमंत्री ने कहा कि मैनें किसी संत से पूछा कि उत्तराखंड को देवभूमि क्यों कहते हैं? तो उन्होंने कहा कि यहां के धार्मिक क्षेत्रों में एक अलग प्रकार की स्प्रीचुअल वाइब्रेशन है, इस कारण उसे देवभूमि कहा जाता है। लेकिन मेरा मानना है कि उत्तराखंड के रहने वाले लोग भी बहुत अच्छे हैं, यहां के लोग बड़े मन के होते हैं। देश के लिए शहीद होने वाले लोग उत्तराखंड में ही मिलेंगे। इसलिए इसे देवभूमि कहा जाता है।
दून और पिथौरागढ़ के बीच चलने वाली नौ सीटर फ्लाइट को झंडी दिखाकर रवाना किया
समिट के समापन सत्र में शिरकत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर बाद देहरादून पहुंचे। वह विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से वह समिट स्थल के लिए रवाना हुए। इससे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उन्होंने देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच चलने वाली नौ सीटर फ्लाइट को झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक के साथ रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए रवाना हो गए।
इन्वेस्टर्स समिट के समापन पर प्रदर्शनी आम जनता के लिए खोल दी गई है। सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इन्वेस्टर्स समिट में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक स्टाल का निरीक्षण किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत ने सीएम ने कहा कि समिट को लेकर निवेशकों के साथ ही सरकार में भी खास उत्साह है। ये पहल राज्य के लिए वरदान साबित होगी।
सीएम ने ये भी कहा कि यह दीर्घकालीन प्रोजेक्ट है और इसे आकार लेने में वक्त लगेगा। आने वाले चार से पांच सालों में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। समिट के दूसरे दिन राज्य सरकार कई निवेशकों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किए। इसके साथ ही कृषि एवं औद्यानिकी, हेल्थ केयर एंड वेलनेस, एमएसएमई, स्टार्ट अप, शिक्षा एवं कौशल विकास पर तकनीकी सत्र हुए।
स्प्रिचुअल ईको जोन की दिशा में आगे बढ़ेंगे : त्रिवेंद्र
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के लिए एसईजेड (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) की नई परिभाषा स्प्रिचुअल ईको जोन के तौर पर दी है। उनके मार्गदर्शन से अब प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। उत्तराखंड में धर्म और अध्यात्म से आर्थिकी को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक एक लाख 20 हजार 150 करोड़ रुपये के 601 एमओयू साइन किए हैं। मुख्यमंत्री रावत उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट 2018 के समापन समारोह पर बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिशों का वर्ष 2025 में होने वाली रजत जयंती में असर दिखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिट को सफल बनाने में चार अधिकारियों मनीषा पंवार, सौजन्य, झरना कमठान और राखी का उल्लेखनीय प्रयास रहा। महिला अधिकारियों ने साबित किया कि हम किसी से कम नहीं। उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य, जापान और सिंगापुर के प्रतिनिधि समिट में पहुंचे। चेक गणराज्य से अच्छे निवेश की उम्मीद है। सिंगापुर एयर कनेक्टिविटी से जुड़ेगा। अडानी ग्रुप, अमूल, जेएसडब्ल्यू, महिंद्रा ग्रुप, पतंजलि आदि व्यापक निवेश को तैयार हैं।
केंद्रीय मंत्रियों ने समिट में पहुंचने से निवेशकों को बल मिला है। उन्होंने कहा कि अब तक हुए 601 एमओयू के अलावा अगले एक माह तक कुछ और एमओयू होंगे। यह समिट सिर्फ ‘लांचिंग पैड’ की तरह थी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अध्यक्षता में हुए समापन पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत, रसना प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन पिरूज खमबटा, डिक्सान टेक्नोलोजी के चेयरमैन सुनील वाचानी, एमिटी यूनिवर्सिटी के चांसलर डा. असीम चौहान और भेल के एमडी अनिल सोबती मंचासीन रहे। इसके अलावा मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल रतूड़ी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने केदारनाथ से साक्षात्कार पुस्तक का विमोचन भी किया।