फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Rajesh Suri murder case: The sealed envelope has been opened but the secrets are still hidden

राजेश सूरी हत्याकांड : बंद लिफाफा तो खुल गया मगर राज अब भी हैं बंद

Mon, 20 Jan 2025 12:04 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
Rajesh Suri murder case: The sealed envelope has been opened but the secrets are still hidden
I
विज्ञापन

II- अधिवक्ता राजेश सूरी ने अपनी मौत से पहले एडीएम कार्यालय में रखा था बंद लिफाफा
I
I

I
I- मौत के जिम्मेदार बताते हुए लिखे थे 42 नाम, 2021 में खुला था लिफाफा, नाम नहीं आए सामने
I
I अधिवक्ता राजेश सूरी का एडीएम कार्यालय में रखा बंद लिफाफा डेढ़ साल पहले खुल तो गया, लेकिन इसके राज आज तक बंद हैं। सूरी ने अपनी मौत की आशंका जताते हुए इसमें 42 नाम लिखे थे। मगर अब तक इन नामों को उजागर नहीं किया गया है। एक बार फिर दिवंगत अधिवक्ता सूरी की बहन रीता सूरी ने इन नामों को उजागर करने के लिए आईजी गढ़वाल को पत्र लिखा है। मामले में कार्रवाई के लिए आईजी की ओर से एसएसपी देहरादून को निर्देश जारी किए गए हैं।
I
Iगौरतलब है कि वर्ष 2014 में अधिवक्ता राजेश सूरी की नैनीताल से लौटते वक्त रहस्यमय मौत हो गई थी। उनकी बहन रीता सूरी की ओर से कोतवाली शहर में कई लोगों को नामजद कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। उस वक्त यह बात भी सामने आई थी कि राजेश सूरी ने वर्ष 2002 में अपनी मौत की आशंका जताते हुए कुछ नामों को एक लिफाफे में बंद कर उसे एडीएम कार्यालय में रखा था। पुलिस इस मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा चुकी थी, लेकिन वर्ष 2021 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आईजी गढ़वाल को एक बार फिर से एसआईटी गठित कर इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे। इसके बाद अदालत के आदेश पर 30 जुलाई 2023 को यह लिफाफा खोल दिया गया। मगर, इसमें जो नाम लिखे हुए थे, उन्हें उजागर नहीं किया गया था।
विज्ञापन

I
Iअब फिर से राजेश सूरी की बहन रीता सूरी ने आईजी गढ़वाल को लिफाफे के राज उजागर करने की मांग की है। रीता सूरी के अनुसार बंद लिफाफा खुलने के बाद भी उन्हें नहीं बताया गया कि लिफाफे में क्या और किसके नाम हैं। जांच अधिकारी ने कोर्ट में बताया था कि लिफाफे में 42 लोगों के नाम दर्ज हैं। इसमें से आठ लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। जबकि, नौ लोगों की मौत हो चुकी है। बाकी बचे 25 लोगों की खोज की जा रही है। न्यायालय को दी प्रगति रिपोर्ट के बाद नौ दिसंबर 2024 तक जांच अधिकारी ने उनसे कोई भी संपर्क नहीं किया और न ही संबंधित जांच के बारे में कोई जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

I
I
I
Iरीता के अनुसार उनके भाई की हत्या में नामजद और संबंधित बंद लिफाफे (अब खुले) में उल्लेख नाम का पर्दाफाश न होने के कारण उनकी जान-माल का खतरा बढ़ गया है। रीता सूरी ने इन नामों की जानकारी पुलिस से मांगी है। इसे लेकर पुलिस महानिरीक्षक ने एसएसपी को आवश्यक निर्देश दिए हैं।I
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article