इस डॉक्टर ने निकाली ऐसी तरकीब, अब अपने पैरों पर चल सकेंगी अपंग गाय
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राजस्थान के पशु चिकित्सक ने एक ऐसी तरकीब निकाली है जिसके बाद अब अपंग गायों को सहारा मिल सकेगा। वे अपने पैरों पर चल सकेंगी। जानें कैसे होगा ये संभव...
रायपुर स्थित गौशाला में एक दुर्घटना में टांग गंवाने वाली गाय को कृत्रिम पैर लगाकर चलने लायक बनाने वाले राजस्थान के पशु चिकित्सक और कृष्णा लिंब के जनक डॉक्टर तपेश देहरादून की कई अपंग गायों को फिर से चलने-फिरने लायक बनाएंगे।
गोकुल सेवा एवं विकास समिति, देहरादून के विशेष बुलावे पर डा. तपेश ने यहां कुछ और अपंग गायों के पैरों का नाप लिया है, जल्द ही कृष्णा लिंब की मदद से ये गायें भी चलने लगेंगी। राजस्थान जयपुर निवासी डा. तपेश माथुर फिलवक्त राजस्थान पशुपालन विभाग में पशु चिकित्साधिकारी हैं।
इसके अलावा वह पूरे देश में घूम-घूमकर बेजुबान अपंगों को कृष्णा लिंब लगाते हैं। गोकुल सेवा एवं विकास समिति के विशेष बुलावे पर डा. तपेश बीते दिनों देहरादून पहुंचे थे। उन्हें यहां गौशाला की अपंग हो चुकीं दो गायों का इलाज के लिए बुलाया गया था।
इसके अलावा निजी पशुपालकों के अनुरोध पर भी उन्होंने कुछ विकलांग जानवरों के पैर लगाने के लिए नाप ली है। दरअसल डॉ. तपेश बेजुबान अपंग गाय, बैल, घोड़े, कुत्ते समेत अन्य मवेशियों को कृत्रिम अंग लगाने का विशेष हुनर रखते हैं।
डॉ. तपेश अब तक देश के 10 राज्यों में 54 अपंग बेजुबान मवेशियों को कृत्रिम अंग लगा चुके हैं। इसमें देहरादून की दो गायें भी शामिल हैं। खास बात है कि डा. तपेश यह सेवा नि:शुल्क करते हैं। इस कार्य और कृष्णा लिंब की खोज के लिए डा. तपेश को राष्ट्रीय स्तर पर दो बार पुरस्कृत किया जा चुका है। केंद्र सरकार ने उन्हें पशु क्रूरता निवारण समिति का सदस्य भी नामित किया है।