{"_id":"f5a351cf103f88698b8a0e6d41d9da4a","slug":"rajaji-national-park-will-become-national-park","type":"story","status":"publish","title_hn":"टाइगर रिजर्व बनेगा राजाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टाइगर रिजर्व बनेगा राजाजी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 31 Aug 2013 10:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के राजाजी पार्क को टाइगर रिजर्व से पहले नेशनल पार्क बनाने की अंतिम अधिसूचना जल्द जारी कर दी जाएगी।
विज्ञापन
इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संभव है कि अगले एक माह के भीतर अधिसूचना जारी कर दी जाए। पिछले लगभग तीन दशक से यह प्रकरण प्रदेश स्तर पर लटका हुआ था।
1983 में हुई थी घोषणा
अविभाजित उत्तर प्रदेश में वर्ष 1983 में राजाजी राष्ट्रीय पार्क बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन पार्क के भीतर रह रहे गुर्जरों और कुछ गांवों का विस्थापन न होने से पार्क का अंतिम तौर पर नोटिफिकेशन नहीं हो सका था।
एक अप्रैल को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राजाजी को टाइगर रिजर्व बनाने की घोषणा की। इसके बाद शासन ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा। केंद्र ने भी जून के तीसरे सप्ताह में टाइगर रिजर्व बनाने पर अपनी सहमति जता दी, लेकिन अब भी राजाजी कानूनी तौर पर नेशनल पार्क नहीं बन सका है।
विज्ञापन
इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन ने टाइगर रिजर्व घोषित करने से पहले नेशनल पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ये रहेंगे बेअसर
-पार्क के भीतर के गांवों के रास्ते नहीं होंगे प्रभावित
-राजस्व गांवों के अधिकार पर नहीं पड़ेगा कोई असर
-राजस्व गांव घोषित होने वाले गांव छोड़ दिए जाएंगे
खास बातें
राजाजी पार्क का क्षेत्रफल - 820 वर्ग किलोमीटर
पार्क बनाने की घोषणा - 1983 में
राजाजी में बाघ की उपलब्धता - चीला, गौहरी, कांसरो, मोतीचूर, धौलखंड और हरिद्वार रेंज में
राजाजी राष्ट्रीय पार्क - देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी जिले का हिस्सा शामिल है
पार्क में बाघों की संख्या - लगभग 16 ज्यादातर मादा
अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमर उजाला ने दो अप्रैल 2013 के अंक में ही राजाजी पार्क को टाइगर रिजर्व बनाने की घोषणा की वैधता पर सवाल उठाए थे।
मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ ही एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी, जिसमें पहले नेशनल पार्क बनाने के नियम का उल्लेख किया गया था। अब वन विभाग और शासन इसी रिपोर्ट के आधार पर कदम उठा रहे हैं।
विज्ञापन
राजाजी को नेशनल पार्क बनाने से काफी सहूलियत होगी। इसके बाद कोर एरिया, बफर एरिया को चिह्नित करने में आसानी होगी। इसी को ध्यान में रखकर नेशनल पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
-एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव
फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें