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राजाजी नेशनल पार्क में लगे कैमरा ट्रैप गायब 

Mon, 03 Jul 2017 09:26 AM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 03 Jul 2017 09:26 AM IST
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Rajaji National Park camera trap missing
tigress in camera - फोटो : AmarUjala

राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व में लगे दो कैमरा ट्रैप गायब हो गए हैं और सात कैमरा ट्रैप को तोड़ डाला गया है। इस घटना के बाद पार्क प्रबंधन में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि जानवरों का शिकार करने आए वन्य जीव तस्करों ने कैमरा ट्रैप देख लिए, फंसने के डर से कैमरा ट्रैप उखाड़ लिए और तोड़ डाले। वहीं पार्क के अधिकारी अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इसे चारा-पत्ती तोड़ने वालों का काम बता रहे हैं।

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नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो पहले राजाजी पार्क, कार्बेट और दूसरे आरक्षित वन क्षेत्रों में वन्य जीव तस्करों के मद्देनजर सतर्क रहने के निर्देश दे चुका है। राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व के चीला, गोहरी, रवासन, रामगढ़, कासरों, मोतीचूर, हरिद्वार, बेरीबाड़ा, धौलखंड और चीलावाली रेंज में प्रबंधन ने कैमरा ट्रैप लगवाए हैं।
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कैमरा ट्रैप लगाए जाने का उद्देश्य हाथी, बाघ, तेंदुओं समेत अन्य वन्य जीवों की गणना के साथ पार्क में घुस आने वाले संदिग्ध लोगों और वन्य जीव तस्करों पर निगाह रखना है। पार्क की विभिन्न रेंजों में लगे 9 कै मरा ट्रैप अपने स्थान से गायब मिले हैं। प्रबंधन के अधिकारियों को सात कैमरा ट्रैप तो टूटे मिल गए, लेकिन दो गायब हैं।
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सूत्रों का कहना है कि पार्क में वन्य जीव तस्करों को जब शक हुआ होगा कि वे कैमरा ट्रैप में आ गए हैं तो उन लोगों ने कैमरे ही उखाड़ लिए और लेकर चले गए और बाकी कैमरों को तोड़ दिया। इस मामले की जांच में जुटे अधिकारियों का कहना है कि कैमरे रिजर्व क्षेत्र से घास ले जाने वाले ग्रामीणों द्वारा निकाले गए हैं।

वहीं लगभग सात कैमरा ट्रैप हाथियों द्वारा तोड़े गए हैं, लेकिन एक बार में सात कैमरा ट्रैप टूटने और दो गायब होने का मामला वन्य जीव तस्करों की तरफ संदेह को मजबूत कर रहा है। राजाजी नेशनल पार्क वन्य जीव तस्करों के गिरोहों के प्रति अति संवेदनशील माना जाता है। आए दिन संदिग्धों के नजर आने पर वन विभाग विभिन्न रेंजों में दबिशें डालता है। बावरिया गिरोह की सक्रियता यहां अधिक मानी जाती है। नेशनल वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो भी वन विभाग को इस संबंध में आगाह कर चुका है। 

तो ऐसे हुआ शिकारियों को शक 
सूत्रों के मुताबिक राजाजी टाइगर रिजर्व में टाइगरों के मूवमेंट व गणना के लिए लगे कैमरा ट्रैप के पास से रात में कुछ शिकारियों के गुजरने पर शिकारियों पर फ्लैश लाइट पड़ी। इस पर शिकारियों को शक हुआ। शिकारी वापस उसी कैमरे के पास से गुजरे तो फिर फ्लैश लाइट पड़ी इससे शिकारियों को शक हुआ और उन्होंने दोनों कैमरे निकाल लिए। 

हमारे दो कैमरे नदारद हैं और सात टूटे हुए हैं। जो कैमरे गायब हैं उन्हें रिजर्व क्षेत्र में घास पत्ती लेने जाने वाले ग्रामीणों द्वारा निकाले जाने की संभावना है। प्रकरण की पड़ताल की जा रही है।

- प्रदीप कुमार, वन्य जीव प्रतिपालक 

टाइगर रिजर्व क्षेत्र को लेकर कानून में कड़ा प्रावधान किया गया है। बगैर अनुमति के यहां प्रवेश नहीं किया जा सकता, पकड़े जाने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है।
- एसडी पंत, वरिष्ठ अधिवक्ता 

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